Маи ту ёр надорад ҷуз ӯ ту ёри мгир
مه تو یار ندارد جز او تو یار مگیر
Рахш канор надорад аз ӯ канори мгир
رخش کنار ندارد از او کنار مگیر
Ҷаҳони шкоргҳии дони з ҳар тарафи сайдӣ
جهان شکارگهی دان ز هر طرف صیدی
Дро чу шер ба ҷузи шери нари шикори мгир
درآ چو شیر به جز شیر نر شکار مگیر
Ҳавоӣ нафас маҳорасту халқ чун шутурон
هوای نفس مهارست و خلق چون شتران
Ба ғайри он шутури мастро маҳори мгир
به غیر آن شتر مست را مهار مگیر
Вуҷӯд ҷумла ғубораст тобиш аз маи мост
وجود جمله غبارست تابش از مه ماست
Ба моҳ пушт меару раҳи ғубори мгир
به ماه پشت میار و ره غبار مگیر
Барон зи пеши ҷаҳонро ки мори ганҷи тўост
بران ز پیش جهان را که مار گنج تواست
Тўош ба ҳасан чу товуси гиру мори мгир
تواش به حسن چو طاووس گیر و مار مگیر
Чу халқ бар каф дастат ниҳанд чун симоб
چو خلق بر کف دستت نهند چون سیماب
зи ишқ бар кафи симоби шӯи қарори мгир
ز عشق بر کف سیماب شو قرار مگیر
Ба ҳис даст бидон ар чаҳ чашм ту бастаст
به حس دست بدان ار چه چشم تو بستست
зи гулшани азалӣ гул бичину хори мгир
ز گلشن ازلی گل بچین و خار مگیر
Ба буии он гул бикшод дидаи ёқӯб
به بوی آن گل بگشاد دیده یعقوب
Насими Юсуфи моро зи Кретаи хори мгир
نسیم یوسف ما را ز کرته خوار مگیر
Кист Юсуфи ҷони шоҳи шамси табризӣ
کیست یوسف جان شاه شمس تبریزی
Ба ғайри ҳазрат ӯро ту эътибори мгир
به غیر حضرت او را تو اعتبار مگیر