Дидам шаҳи хуби хуши лақо ро

دیدم شه خوب خوش لقا را

Он чашму чароғи синаҳо ро

آن چشم و چراغ سینه‌ها را

Он мӯнису ғмгсори дил ро

آن مونس و غمگسار دل را

Он ҷону ҷаҳони ҷони Фзо ро

آن جان و جهان جان فزا را

Он кас ки хирад диҳад хирад ро

آن کس که خرد دهد خرد را

Он кас ки сафо диҳад сафо ро

آن کس که صفا دهد صفا را

Он саҷдаи гуҳи мау фалак ро

آن سجده گه مه و فلک را

Он қиблаи ҷони авлиё ро

آن قبله جان اولیا را

Ҳар пораи ман ҷудо ҳаме гуфт

هر پاره من جدا همی‌گفت

К-эии шукру сипоси мари худо ро

کای شکر و سپاس مر خدا را

Мӯсо чу бидид ногаҳонӣ

موسی چو بدید ناگهانی

Аз сӯии дарахти он зё ро

از سوی درخت آن ضیا را

Гуфто ки зи ҷусту ҷӯии рустам

گفتا که ز جست و جوی رستم

Чун ёфтам ин чунин ато ро

چون یافتم این چنین عطا را

Гуфт эй Мӯсои сафар раҳо кун

گفت ای موسی سفر رها کن

Ваз даст бияфкан он Асо ро

وز دست بیفکن آن عصا را

Он дами Мӯсои зи дил бурун кард

آن دم موسی ز دل برون کرد

Ҳамсояу хешу ошно ро

همسایه و خویش و آشنا را

Ахлъ наалейк ин буд ин

اخلع نعلیک این بود این

Каз ҳар ду ҷаҳони бабри вло ро

کز هر دو جهان ببر ولا را

Дар хонаи дили ҷуз ӯ нагунҷад

در خانه دل جز او نگنجد

Дил донад рашки анбиё ро

دل داند رشک انبیا را

Гуфт эй Мӯсо ба каф чаҳ дорӣ

گفت ای موسی به کف چه داری

Гуфто ки Асост роҳи мо ро

گفتا که عصاست راه ما را

Гуфто ки Асои з каф бияфкан

گفتا که عصا ز کف بیفکن

Бингар ту аҷоиби само ро

بنگر تو عجایب سما را

Афканду Асоаш аждаҳо шуд

افکند و عصاش اژدها شد

Бигурехт чу дид аждаҳо ро

بگریخت چو دید اژدها را

Гуфто ки бигир то маниши боз

گفتا که بگیر تا منش باز

Чӯбии созами паии шумо ро

چوبی سازم پی شما را

Созами зи адуати дасти ёрӣ

سازم ز عدوت دست یاری

Созами душманати муттако ро

سازم دشمنت متکا را

То аз ҷузи фазл ман ндонӣ

تا از جز فضل من ندانی

Ёрони латифи бовафо ро

یاران لطیف باوفا را

Дасту поят чу мор гардад

دست و پایت چو مار گردد

Чун дарди диҳеми дасту по ро

چون درد دهیم دست و پا را

эй дасти мгири ғайри мо ро

ای دست مگیر غیر ما را

эй пои матлаби ҷузи интиҳо ро

ای پا مطلب جز انتها را

Магрез зи ранҷи мо ки ҳар ҷо

مگریز ز رنج ما که هر جا

Рнҷисти раҳе буд даво ро

رنجیست رهی بود دوا را

Нагурехт касе зи ранҷи ало

نگریخت کسی ز رنج الا

Омад бтрши паии ҷазо ро

آمد بترش پی جزا را

Аз донаи гурези бим он ҷост

از دانه گریز بیم آن جاست

Бигзор ба ақли бими ҷо ро

بگذار به عقل بیم جا را

Шамси табриз лутф фармуд

شمس تبریز لطف فرمود

Чун рафт бабради лутфҳо ро

چون رفت ببرد لطف‌ها را

Хониш
ғзл шморҳ 123 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 123 — орш хӣрободӣ