Ҳалқа дил задам шабӣ дар ҳаваси саломи дил
حلقه دل زدم شبی در هوس سلام دل
Бонг расед кист он гуфтам ман ғуломи дил
بانگ رسید کیست آن گفتم من غلام دل
Шуълаи нури он қамар мезад аз шикоф дар
شعله نور آن قمر میزد از شکاف در
Бар дилу чашми раҳгузар аз бар неки номи дил
بر دل و چشم رهگذر از بر نیک نام دل
Мавҷи зи нур рӯй дили пар шуда буд кӯии дил
موج ز نور روی دل پر شده بود کوی دل
Кӯзаи офтоб ва ма гашта каминаи ҷоми дил
کوزه آفتاب و مه گشته کمینه جام دل
Ақли кул ар сиррӣ кунад бо дил чокарӣ кунад
عقل کل ار سری کند با دل چاکری کند
Гардани ақл ва сад чу ӯ баста ба банди доми дил
گردن عقل و صد چو او بسته به بند دام دل
Рафта ба чархи валвалаи куни гирифтаи машғала
رفته به چرخ ولوله کون گرفته مشغله
Халқи гусастаи силсила аз тарафи паёми дил
خلق گسسته سلسله از طرف پیام دل
Нури гирифта аз буриши курсӣу арши Акбараш
نور گرفته از برش کرسی و عرش اکبرش
Рӯҳ нишаста бар дараш менигарад ба боми дил
روح نشسته بر درش مینگرد به بام دل
Нест қаландар аз башар нак ба ту гуфт мухтасар
نیست قلندر از بشر نک به تو گفت مختصر
Ҷумлаи назар буд назар дар хмшии каломи дил
جمله نظر بود نظر در خمشی کلام دل
Ҷумлаи куни маст дил гашта забун ба дасти дил
جمله کون مست دل گشته زبون به دست دل
Марҳалаҳои на фалак ҳаст яқини ду гоми дил
مرحلههای نه فلک هست یقین دو گام دل