Ба гӯши дил пинҳонӣ бигуфт раҳмати кул

به گوش دل پنهانی بگفت رحمت کل

Ки ҳар чаҳ хоҳӣ мекун вале зи мо мскл

که هر چه خواهی می‌کن ولی ز ما مسکل

Ту он мо ва ман он ту ҳамчуи дидау рӯз

تو آن ما و من آن تو همچو دیده و روز

Чаро рӯй з бар ман ба ҳар ғализу ътл

چرا روی ز بر من به هر غلیظ و عتل

Бигуфт дил ки скстни зи ту чигуна буд

بگفت دل که سکستن ز تو چگونه بود

Чигуна без дҳлзн кунад ғариви дуҳул

چگونه بی ز دهلزن کند غریو دهل

Ҳама ҷаҳон дуҳуланду тӯии дҳлзну бас

همه جهان دهلند و توی دهلزن و بس

Куҷои раванди зи ту чунк бастааст сбл

کجا روند ز تو چونک بسته است سبل

Ҷавоб дод ки худро дуҳули шинос ва мабош

جواب داد که خود را دهل شناس و مباش

Гуҳии дҳлзн ва гоҳе дуҳул ки оради зл

گهی دهلزن و گاهی دهل که آرد ذل

Наҷунбад ин тани бечора то наҷунбад ҷон

نجنبد این تن بیچاره تا نجنبد جان

Ки то фарси бнҷнбд бар ӯ наҷунбад ҷл

که تا فرس بنجنبد بر او نجنبد جل

Дили ту шери хдоисту нафаси ту фарс аст

دل تو شیر خدایست و نفس تو فرس است

Чунон ки мураккаби шер худоӣ шуд длдл

چنان که مرکب شیر خدای شد دلدل

Чу дархури так длдл набӯд арсаи ақл

چو درخور تک دلدل نبود عرصه عقل

зи тангнои хиради тохти сӯии арсаи қул

ز تنگنای خرد تاخت سوی عرصه قل

Туроу ақли туро ишқ ва хорхор чарост

تو را و عقل تو را عشق و خارخار چراست

Ки вақт шуд ки бирӯяд зи хори ту он гул

که وقت شد که بروید ز خار تو آن گل

Аз ин ғам ар чаҳ турш рӯаст мужда ҳо бишинав

از این غم ار چه ترش روست مژده‌ها بشنو

Кигар шабӣ саҳар омад вагар хумории мл

که گر شبی سحر آمد وگر خماری مل

зи оҳи оҳ ту ҷӯшед баҳри фазли илоҳ

ز آه آه تو جوشید بحر فضل اله

Мусофири амл ту расед то омул

مسافر امل تو رسید تا آمل

Дамӣ расед ки ҳар шавқ аз ӯ расад ба мушаввиқ

دمی رسید که هر شوق از او رسد به مشوق

Шаҳӣ расед каз ӯ тавқ мешавад ҳар ғул

شهی رسید کز او طوق می شود هر غل

Ҳтом дод аз ин ҷиФаҳи дояи табдил

حطام داد از این جیفه دایه تبدیل

Дар офтоб фиканда сети зилли ҳақи ғулғул

در آفتاب فکنده‌ست ظل حق غلغل

Аз ин ҳама бигузар бегуҳ омадаст ҳабиб

از این همه بگذر بی‌گه آمدست حبیب

Шабами яқин шаб қадараст қул ллилии тл

شبم یقین شب قدرست قل للیلی طل

Чу ваҳй сар кунад аз ғайби гӯши он сар бош

چو وحی سر کند از غیب گوش آن سر باش

Аз онки изни ман алрос гуфт садри русул

از آنک اذن من الراس گفت صدر رسل

Ту булбули чаманӣ лек метуоне шуд

تو بلبل چمنی لیک می توانی شد

Ба фазли ҳақи чаману боғ бо ду сад булбул

به فضل حق چمن و باغ با دو صد بلبل

Худоиро бингар дар сиёсати олам

خدای را بنگر در سیاست عالم

Уқулро бингар дар саноати анмл

عقول را بنگر در صناعت انمل

Чу маст бошад ошиқ тамаъ макун хмшӣ

چو مست باشد عاشق طمع مکن خمشی

Чу нон расад ба гурусна магӯ ки лотأкл

چو نان رسد به گرسنه مگو که لاتأکل

з ҳарф бигузар ва чун оби нақшҳо мпазир

ز حرف بگذر و چون آب نقش‌ها مپذیر

Ки ҳарфу савти зи дунёст ва ҳаст дунёи пул

که حرف و صوت ز دنیاست و هست دنیا پل

Хониш
ғзл шморҳ 1358 — ъндлӣб