Парда ӣ дигар мазан ҷузи парда ӣ дилдори мо

پرده‌ی دیگر مزن جز پرده‌ی دلدار ما

Он ҳазорон Юсуфи ширини ширини кори мо

آن هزاران یوسف شیرینِ شیرین‌کار ما

Юсуфонро маст карду пардаҳоашон брдрид

یوسفان را مست کرد و پرده‌هاشان بردرید

Ғамза ӣ хӯнии масти он шаҳи хумори мо

غمزه‌ی خونیِ مست آن شهِ خمارِ ما

Ҷони мо ҳамчун сегон кӯй ӯ хӯн хор шуд

جان ما همچون سگانِ کوی او خون‌خوار شد

Офаринҳо сад ҳазорон бар саги хӯни хори мо

آفرین‌ها صد هزاران بر سگِ خون‌خوار ما

Дар навой ишқи он сад навбаҳори сармадӣ

در نوایِ عشق آن صد نوبهارِ سرمدی

Сад ҳазорон булбулони андари гулу гулзори мо

صد هزاران بلبلان اندر گل و گلزار ما

Дил чу зуннории зи ишқи он Масеҳи аҳди баст

دل چو زناری ز عشقِ آن مسیح ِ عهد بست

Лоҷарами ғайрати баради имон бар ин зуннори мо

لاجرم غیرت برد ایمان بر این زنار ما

Офтобии неи зи шарқу неи зи ғарб аз ҷон битофт

آفتابی نی ز شرق و نی ز غرب از جان بتافت

Зарра вор омад ба рақс аз вай дару девори мо

ذره‌وار آمد به رقص از وی در و دیوار ما

Чун мисол зарраем андари паии он офтоб

چون مثال ذره‌ایم اندر پی آن آفتاب

Рақс бошад ҳамчуи зарраи рӯзу шаби кирдори мо

رقص باشد همچو ذره روز و شب کردار ما

Ошиқони ишқро бисёр ёриҳо диҳем

عاشقانِ عشق را بسیار یاری‌ها دهیم

Чунк шамси аддӣни табризӣ кунун шуд ёри мо

چونک شمس‌الدین تبریزی کنون شد یار ما

Хониш
ғзл шморҳ 136 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 136 — орш хӣрободӣ