Боз дар асрори рӯми ҷониби он ёри рӯм
باز در اسرار روم جانب آن یار روم
Наъраи булбули шинавам дар гулу гулзори рӯм
نعره بلبل شنوم در گل و گلزار روم
То кӣ аз ин шарму ҳаё шарм бисӯзону биё
تا کی از این شرم و حیا شرم بسوزان و بیا
Ҳамраҳи дили гирдами хуши ҷониби дилдори рӯм
همره دل گردم خوش جانب دلدار روم
Сабр намонда сет ки ман гӯши сӯии нася барам
صبر نماندهست که من گوش سوی نسیه برم
Ақл намонда сет ки ман роҳ ба ҳанҷори рӯм
عقل نماندهست که من راه به هنجار روم
Чанги зан эй Зуҳраи ман то ки бар ин тнтни тан
چنگ زن ای زهره من تا که بر این تنتن تن
Гӯш бар ин бонги нуҳуми дида ба дидори рӯм
گوش بر این بانگ نهم دیده به دیدار روم
Хаста домаст дилам бар дар ва бомаст дилам
خسته دام است دلم بر در و بام است دلم
Шоҳиди дилро бикашам сӯии харидори рӯм
شاهد دل را بکشم سوی خریدار روم
Гуфт маро дар чаҳ фаннии кор чаро ме накунӣ
گفت مرا در چه فنی کار چرا می نکنی
Роҳ дуконам бинмо то ки пас кори рӯм
راه دکانم بنما تا که پس کار روم
То ки зи худ бад хабараш рафт дилам бар асараш
تا که ز خود بد خبرش رفت دلم بر اثرش
Кӯи асарӣ аз дили ман то ки бар осори рӯм
کو اثری از دل من تا که بر آثار روم
То зи ҳарифони ҳасади чашми бадии дрнрсд
تا ز حریفان حسد چشم بدی درنرسد
Каф ба кафи ёри даҳум дар кнФи ғори рӯм
کف به کف یار دهم در کنف غار روم
Дарси раисони хушӣ беҳшӣасту хмшӣ
درس رئیسان خوشی بیهشی است و خمشی
Дарс чу хомаст маро бар сари такрори рӯм
درس چو خام است مرا بر سر تکرار روم