Аз паии шамси ҳақу дайни дидаи гирёни мо

از پی شمس حق و دین دیده گریان ما

Аз пай он офтобаст ашк чун борони мо

از پی آن آفتابست اشک چون باران ما

Киштии он Нӯҳ кӣ байнем ҳангоми висол

کشتی آن نوح کی بینیم هنگام وصال

Чунк ҳастӣ ҳо намонад аз паии тӯфони мо

چونک هستی‌ها نماند از پی طوفان ما

Ҷисми мо пинҳон шавад дар баҳри боди авсофи хеш

جسم ما پنهان شود در بحر باد اوصاف خویش

Рӯи намояди киштии он Нӯҳи баси пинҳони мо

رو نماید کشتی آن نوح بس پنهان ما

Баҳру ҳиҷрони рӯ наад дар васлу соҳил рӯ диҳад

بحر و هجران رو نهد در وصل و ساحل رو دهد

Пас бирӯяд ҷумлаи олами лолау райҳони мо

پس بروید جمله عالم لاله و ریحان ما

Ҳар чаҳ меборид акнӯн дидаи гирёни мо

هر چه می‌بارید اکنون دیده گریان ما

Сари он пайдо кунад сад гулшани хандони мо

سر آن پیدا کند صد گلشن خندان ما

Шарқу ғарби ин замин аз гулистони як сон шавад

شرق و غرب این زمین از گلستان یک سان شود

Хору хас пайдо набошад дар гули як сони мо

خار و خس پیدا نباشد در گل یک سان ما

Зер ҳар гулбун нишаста моҳи рӯеи Зуҳраи рух

زیر هر گلبن نشسته ماه رویی زهره رخ

Чанги ъушрат май навозад аз паии хоқони мо

چنگ عشرت می‌نوازد از پی خاقان ما

Ҳар замони шуҳраи бутии бинӣ ки аз ҳар гӯша Эй

هر زمان شهره بتی بینی که از هر گوشه‌ای

Ҷом меро медиҳад дар дасти бодстони мо

جام می را می‌دهد در دست بادستان ما

Дидаи нодидаи мо бӯсаи дида зон батон

دیده نادیده ما بوسه دیده زان بتان

То зи ҳайронии гузаштаи дидаи ҳайрони мо

تا ز حیرانی گذشته دیده حیران ما

Ҷони савдои наъраи занҳо ин батон симбр

جان سودا نعره زن‌ها این بتان سیمبر

Дили гавди аҳсанти айши хуб бе поёни мо

دل گود احسنت عیش خوب بی‌پایان ما

Хок табризаст андари рағбати лутфу сафо

خاک تبریزست اندر رغبت لطف و صفا

Чун сафои кавсар ва чун чашмаи ҳайвони мо

چون صفای کوثر و چون چشمه حیوان ما

Хониш
ғзл шморҳ 148 — орш хӣрободӣ