зи зиндони халқро озод кардам
ز زندان خلق را آزاد کردم
Равони ошиқонро шод кардам
روان عاشقان را شاد کردم
Даҳони аждаҳоро брдридм
دهان اژدها را بردریدم
Тариқи ишқро обод кардам
طریق عشق را آباد کردم
зи обии ман ҷаҳонии бртнидм
ز آبی من جهانی برتنیدم
Пас онгаҳ обро пурбод кардам
پس آنگه آب را پرباد کردم
Бибастам нақшҳо бар оби кон ро
ببستم نقشها بر آب کان را
На бар оҷ ва на бар шамшод кардам
نه بر عاج و نه بر شمشاد کردم
зи шодии нақши худ ҷон ме даранд
ز شادی نقش خود جان می دراند
Ки ман нақши худаш меод кардам
که من نقش خودش میعاد کردم
зи чоҳии Юсуфонро баркашидам
ز چاهی یوسفان را برکشیدم
Ки аз ёқӯби эшон ёд кардам
که از یعقوب ایشان یاد کردم
Чу хусрави зулф ширинон гирифтам
چو خسرو زلف شیرینان گرفتم
Агар қасди яке Фарҳод кардам
اگر قصد یکی فرهاد کردم
Зиҳии боғӣ ки ман тартиб кардам
زهی باغی که من ترتیب کردم
Зиҳии шаҳрӣ ки ман бунёд кардам
زهی شهری که من بنیاد کردم
Ҷаҳон донад ки то ман шоҳ ӯем
جهان داند که تا من شاه اویم
Бидодам дод малик ва дод кардам
بدادم داد ملک و داد کردم
Ҷаҳон донад ки берун аз ҷаҳонам
جهان داند که بیرون از جهانم
Тасаввури баҳр истишҳод кардам
تصور بهر استشهاد کردم
Чаҳ устодон ки ман шҳмот кардам
چه استادان که من شهمات کردم
Чаҳ шогирдон ки ман устод кардам
چه شاگردان که من استاد کردم
Басои шерон ки ғриднд бар мо
بسا شیران که غریدند بر ما
Чу рӯбаҳи оҷиз ва мнқод кардам
چو روبه عاجز و منقاد کردم
Хамаш кун онк ӯ аз сулб ишқ аст
خمش کن آنک او از صلب عشق است
Бсстш инак ман иршод кардам
بسستش اینک من ارشاد کردم
Валек онро ки тӯфони балои барад
ولیک آن را که طوفان بلا برد
Фурушад гарчи ман фарёд кардам
فروشد گرچه من فریاد کردم
Магар аз қаър тӯфонаш барорам
مگر از قعر طوفانش برآرم
Чунонк нестро эҷод кардам
چنانک نیست را ایجاد کردم
Баромади шамси табризии бузади теғ
برآمد شمس تبریزی بزد تیغ
Забон аз теғ ӯ пӯлод кардам
زبان از تیغ او پولاد کردم