Имрӯзи ним малули шодам
امروز نیم ملول شادم
Ғамро ҳама тоқ барниҳодам
غم را همه طاق برنهادم
Бар сблт ҳар куҷо малулӣ аст
بر سبلت هر کجا ملولی است
Гар мейр манасту аўстодм
گر میر من است و اوستادم
Имрӯзи миён ба айши бастам
امروز میان به عیش بستم
Рўбнди з рӯй маи кушодам
روبند ز روی مه گشادم
Имрӯзи зарифаму латифам
امروز ظریفم و لطیفم
Гӯйӣ ки магари зи лутфи зодам
گویی که مگر ز لطف زادم
Ёрӣ ки надоди бӯса аз ноз
یاری که نداد بوسه از ناز
ӯ бӯса биҷуст ва ман надодам
او بوسه بجست و من ندادم
Ман дӯши аҷаб чаҳ хоб дидам
من دوش عجب چه خواب دیدم
Комрўзи азими бомродм
کامروز عظیم بامرادم
Гуфтӣ ту ки рӯ ки подшоҳӣ
گفتی تو که رو که پادشاهی
Оре ки хушу хуҷастаи бодам
آری که خوش و خجسته بادم
Бесоқӣ ва бе шароби мастам
بیساقی و بیشراب مستم
Бетахту кулоҳи киқбодм
بیتخت و کلاه کیقبادم
Дар ман з куҷо расад гумон ҳо
در من ز کجا رسد گمانها
Субҳони аллоҳ куҷо фитодам
سبحان الله کجا فتادم