Чаҳ
Касам ман ? чаҳ касам ман ? ки басии васваса манд ам
چه کسام من؟ چه کسام من؟ که بسی وسوسهمندم
Гуҳи
Аз он сӯии кашанди ми гуҳ аз ин сӯии кашанди м
گَه از آن سوی کشندم، گَه از این سوی کشندم
зи
Кашокаш чу камонам ба кафи гӯш кашон ам
زِ کشاکش چو کمانام به کفِ گوشکشانم
Қадари
Аз боми дроФтд чу дар хона бабандам
قدَر از بام درافتد چو درِ خانه ببندم
Магари
Астораҳ ӣ чархам ! ки зи бурҷии сӯии бурҷӣ
مگر استارهیِ چرخم! که ز برجی سوی برجی
Ба
Нҳўсии ши бгрим ба саъӯдии ши бихандам
به نُحوسیش بگریم به سُعودیش بخندم
Ба
Само ва ба буруҷаш , ба ҳубут ва ба урӯҷ аш
به سما و به بروجش، به هبوط و به عروجش
Нафасии
Ҳам так боди ми нафасии ман ҳлпнд ам
نفسی همتکِ بادم نفسی من هَلَپَندم
Нафасии
Оташи сӯзон , нафасии сайли гурезон
نفَسی آتشِ سوزان، نفَسی سیلِ گریزان
зи
Чаҳ аслам ? з чаҳ фаслам ? ба чаҳ бозор харанд м
ز چه اصلم؟ ز چه فصلم؟ به چه بازار خرندم؟
Нафасии
Фавқ тбоқам , нафасии шом ва Ироқ ам
نفسی فوقِ طباقم، نفسی شام و عراقم
Нафасии
Ғарқ фироқам нафасии рози ту риндам
نفسی غرقِ فراقم، نفسی رازِ تو رَندم
Нафасии
Ҳам раҳ моҳам , нафасии маст илоҳ ам
نفسی همرهِ ماهم، نفسی مستِ الهم
Нафасии
Юсуф чоҳам нафасии ҷумлаи газанди м
نفسی یوسفِ چاهم، نفسی جمله گزندم
Нафасии
Раҳи зан ва ғӯлам , нафасии тунд ва малул ам
نفسی رهزن و غولم، نفسی تند و ملولم
Нафасии
зи ин ду бурунам ; ки бар он бом баланд ам
نفسی زین دو برونم، که بر آن بامِ بلندم
Бизан
эй мутриби қонӯни ҳаваси Лайлӣу маҷнӯн !
بزن ای مطربِ قانون هوسِ لیلی و مجنون!
Ки
Ман аз силсилаи ҷустам ; втди ҳуши бикунадам
که من از سلسله جَستم؛ وَتَدِ هوش بِکَندم
Ба
Худо ки нгризӣ ! қадаҳи меҳр , нарезӣ !
به خدا که نگریزی! قدحِ مِهر نریزی!
Чаҳ
Шавад эй шаҳи хубон ки кунӣ гӯш ба панди м
چه شود ای شَهِ خوبان که کنی گوش به پندم
Ҳилла !
эй аввалу охир ! бидиҳ он бода ӣ фахри !
هله! ای اوّل و آخر! بده آن بادهیِ فاخر!
Ки
Шуд ин базми мунаввар ба ту эй ишқи писанди м
که شد این بزم منوّر به تو ای عشقِ پسندم
Бидиҳ
Он бода ӣ ҷонии зи хароботи маъонӣ
بده آن بادهیِ جانی زِ خراباتِ معانی
Ки
Бидон арзади чокар ки аз он бода диҳанд м
که بدان ارزد چاکر که از آن باده دهندم
Биппарон
Нотиқи ҷонро ту аз ин мантиқи расмӣ
بپَران ناطقِ جان را تو از این منطقِ رسمی
Ки
намеёбад майдон бигӯ ҳарфи саманди м
که نمییابد میدانِ بگو حرفِ سمندم