Дил чаҳ хӯрдаи сети аҷаби дӯш ки ман махмурам

دل چه خورده‌ست عجب دوش که من مخمورم

ё намакдон кӣ дидаи сет ки ман дар шӯрам

یا نمکدان کی دیده‌ست که من در شورم

Ҳар чаҳ имрӯз бирезам шиканам товон нест

هر چه امروز بریزم شکنم تاوان نیست

Ҳар чаҳ имрӯз бигӯям бикунами маъзӯрам

هر چه امروز بگویم بکنم معذورم

Буии ҷон ҳар нафасӣ аз лаб ман ме ояд

بوی جان هر نفسی از لب من می آید

То шикоят накунад ҷон ки зи ҷонони даврам

تا شکایت نکند جان که ز جانان دورم

Гар наҳй ту лаби худ бар лаби ман масти шӯй

گر نهی تو لب خود بر لب من مست شوی

Озмӯн кун ки на камтари з май ангурам

آزمون کن که نه کمتر ز می انگورم

Соқио об дарандоз маро то гардан

ساقیا آب درانداز مرا تا گردن

Зонк андеша чу занбӯр буд ман ъўрм

زانک اندیشه چو زنبور بود من عورم

Шаби гуҳи хоб аз ин хирқа бурун ме оем

شب گه خواب از این خرقه برون می آیم

Субҳ бедор шавам боз дар ӯ маҳшурам

صبح بیدار شوم باز در او محشورم

Ҳин ки даҷол биёмад бигушо роҳи Масеҳ

هین که دجال بیامد بگشا راه مسیح

Ҳин ки шуд рӯз қиёмат бизан он ноқўрм

هین که شد روز قیامت بزن آن ناقورم

Гар ба ҳушаст хиради рӯи ҷигарашро хӯн кун

گر به هوش است خرد رو جگرش را خون کن

Вар на пораи сети дилам пора кун аз сотўрм

ور نه پاره‌ست دلم پاره کن از ساطورم

Бода омад ки марои биҳдаҳ бар бод диҳад

باده آمد که مرا بیهده بر باد دهد

Соқӣ омад ба харобии тани маъмурам

ساقی آمد به خرابی تن معمورم

Рӯзу шаб ҳомил мегашта ки гӯйии қадаҳам

روز و شب حامل می گشته که گویی قدحم

Бе камари чусти миёни баста ки гӯйии мӯрам

بی‌کمر چست میان بسته که گویی مورم

Сӯии хами омадаи соғар ки бикун тиморам

سوی خم آمده ساغر که بکن تیمارم

Хами сари хеши гирифтаи сет ки ман ранҷурам

خم سر خویش گرفته‌ست که من رنجورم

Мо ҳамаи пардаи даридаи талаб май рафта

ما همه پرده دریده طلب می رفته

наменишаста ба бен хам ки чаҳ ман мастурам

می نشسته به بن خم که چه من مستورم

Ту ки масти ънбии даври шӯ аз маҷлиси мо

تو که مست عنبی دور شو از مجلس ما

Ки дилатро зи ҷаҳон сард кунад кофурам

که دلت را ز جهان سرد کند کافورم

Чун танамро бихӯрад хоки лаҳад чун ҷуръа

چون تنم را بخورد خاک لحد چون جرعه

Бар сари чархи ҷаҳди ҷон ки на ҷисмам наварам

بر سر چرخ جهد جان که نه جسمم نورم

Ним он шоҳ ки аз тахт ба тобути рӯм

نیم آن شاه که از تخت به تابوت روم

Холидин абадан шуд рақами маншурам

خالدین ابدا شد رقم منشورم

Агар омехтаам ҳам зи фараҳи мамзуҷам

اگر آمیخته‌ام هم ز فرح ممزوجم

Вагар овехтаам ҳам расани Мансурам

وگر آویخته‌ام هم رسن منصورم

Ҷом фиръавн нагирам ки даҳон ганда кунад

جام فرعون نگیرم که دهان گنده کند

Ҷон Мӯсоаст равон дар тан ҳамчун таврам

جان موسی است روان در تن همچون طورم

Ҳиллаи хомӯш ки сармаст хамӯш аўлитр

هله خاموش که سرمست خموش اولیتر

Ман фиғонро чаҳ кунам неи зи лабаши маҳҷӯрам

من فغان را چه کنم نی ز لبش مهجورم

Шамси табриз ки машҳуртар аз хуршед аст

شمس تبریز که مشهورتر از خورشید است

Ман ки ҳамсояи шамсам чу қамари машҳурам

من که همسایه شمسم چو قمر مشهورم

Хониш
ғзл шморҳ 1629 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл шморҳ 1629 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 1629 — фотмҳ зндӣ