эй ту турш карда рӯ то ки битарсонем
ای تو ترش کرده رو تا که بترسانیم
Бастаи шикархандаро то ки бигарёнем
بسته شکرخنده را تا که بگریانیم
Турш нигарадам аз онк аз ту ҳамаи шукрам
ترش نگردم از آنک از تو همه شکرم
Гиряи насиб танаст ман гуҳар ҷонем
گریه نصیب تن است من گهر جانیم
Дар дили оташи рӯми тоза ва хандон шавам
در دل آتش روم تازه و خندان شوم
Ҳамчуи зари сурх аз онки ҷумла зар конем
همچو زر سرخ از آنک جمله زر کانیم
Дар дили оташ агар ғайри туро бингарам
در دل آتش اگر غیر تو را بنگرم
Дори марои сангсори зи онч ман арзонем
دار مرا سنگسار ز آنچ من ارزانیم
Ҳеҷ нишинам ба айш ҳеҷ нахезам ба по
هیچ نشینم به عیش هیچ نخیزم به پا
Ҷузи ту ки бардорем ҷузи ту ки бинишонем
جز تو که برداریم جز تو که بنشانیم
Ин дили ман сӯратии гашт ва ба ман бингаред
این دل من صورتی گشت و به من بنگرید
Бӯса ҳаме дод дил бар сару пешонӣам
بوسه همیداد دل بر سر و پیشانیم
Гуфтам эй дил бигӯ хайр буд ҳол чист
گفتم ای دل بگو خیر بود حال چیست
Ту на ки нурии ҳамаи ман на ки злмоним
تو نه که نوری همه من نه که ظلمانیم
Вари ту манӣ ман туами хирагӣ аз худ з чист
ور تو منی من توام خیرگی از خود ز چیست
Маст бихандед ва гуфт дил ки наме донем
مست بخندید و گفت دل که نمیدانیم
Рӯи матлаби ту маҳол нест забонро маҷол
رو مطلب تو محال نیست زبان را مجال
Сӯраи Каҳфам ки ту хуфтаи Фрўхўоним
سوره کهفم که تو خفته فروخوانیم
Зуд бирав дрФтоди сӯрати ман пеши дил
زود برو درفتاد صورت من پیش دل
Гуфт бигӯ рост эй содиқи раббонӣам
گفت بگو راست ای صادق ربانیم
Гуфт ки ин ҳайрат аз манзари шамс ҳақ аст
گفت که این حیرت از منظر شمس حق است
Муфаххари табризёни онк дар ӯ ?фонем
مفخر تبریزیان آنک در او فانیم