Хуши сӯии мо ои дамии зи онч ки мо ҳам хушем
خوش سوی ما آ دمی ز آنچ که ما هم خوشیم
Оби ҳаёти тўоим гарчи ба шакл оташем
آب حیات توایم گرچه به شکل آتشیم
Ту ҷӯи кбўтрбчаҳи зодаи ин лона Эй
تو جو کبوتربچه زاده این لانهای
Гар ту ниёе ба худ мот аз ин сӯи кашем
گر تو نیایی به خود مات از این سو کشیم
Ҳозири мо шӯ ки мо ҳозири он шоҳидем
حاضر ما شو که ما حاضر آن شاهدیم
Маст меаш мешавем бода аз ӯ май чшим
مست می اش می شویم باده از او می چشیم
Тезравони ҳамчуи сайл гарчи чу ки сокинем
تیزروان همچو سیل گرچه چو که ساکنیم
Наъраи занони ҳамчуи раъд гарчи чунин хомшим
نعره زنان همچو رعد گرچه چنین خامشیم
Ҷон чу дарёи ту рост бар кафи худ на биё
جان چو دریا تو راست بر کف خود نه بیا
Гарчи ки мо ҳамчуи чарх бегунаҳӣ май кашем
گرچه که ما همچو چرخ بیگنهی می کشیم
Зон сӯии ин панҷ ҳиси навбати мо панҷ кун
زان سوی این پنج حس نوبت ما پنج کن
Кони сӯии ин шаш ҷиҳати хусрави ин ҳар шашем
کان سوی این شش جهت خسرو این هر ششیم
Дар паии срнои ишқи тиздму длнўоз
در پی سرنای عشق تیزدم و دلنواز
Каз раги ҷони ҳамчуи чанги баҳри ту дар нолшим
کز رگ جان همچو چنگ بهر تو در نالشیم
Сиҳҳати даъвии ишқи маснаду болаши мҷу
صحت دعوی عشق مسند و بالش مجو
Мо на чу рнҷўркони ошиқи он болшим
ما نه چو رنجورکان عاشق آن بالشیم
Нури фалаки шамси дайни муфаххари табризи мо
نور فلک شمس دین مفخر تبریز ما
Аз рухи он офтоби чархи даруни маи вшим
از رخ آن آفتاب چرخ درون مه وشیم