Ба ғами Фрўнрўми бози сӯии ёри рӯм
به غم فرونروم باز سوی یار روم
Дар он биҳишту гулистону сабзаи зори рӯм
در آن بهشت و گلستان و سبزه زار روم
зи барги рези хазони фироқ сайр шудам
ز برگ ریز خزان فراق سیر شدم
Ба гулшани абаду сарви пойдори рӯм
به گلشن ابد و سرو پایدار روم
Ман аз шумор башар нестам видоъи видоъ
من از شمار بشر نیستم وداع وداع
Ба нақлу маҷлису сғроқ бе шумори рӯм
به نقل و مجلس و سغراق بیشمار روم
Наме шикебади моҳии зи оби ман чаҳ кунам
نمیشکیبد ماهی ز آب من چه کنم
Чу оби саҷдаи кунони сӯии ҷӯйбори рӯм
چو آب سجده کنان سوی جویبار روم
Ба оқибати ғами ишқами кашони кашони бабрад
به عاقبت غم عشقم کشان کشان ببرد
Ҳамон ба сет ки акнӯн ба ихтиёри рӯм
همان بهست که اکنون به اختیار روم
з дод ишқ буд кору бори султонон
ز داد عشق بود کار و بار سلطانان
Ба ишқи дрнрўм дар кадоми кори рӯм
به عشق درنروم در کدام کار روم
Шунидаам ки амир батон ба сайд шудаи сет
شنیدهام که امیر بتان به صید شدهست
Агар чаҳ лоғарами сӯии марғзори рӯм
اگر چه لاغرم سوی مرغزار روم
Чу шер ишқ фиристад сегон худ ба шикор
چو شیر عشق فرستد سگان خود به شکار
Ба ишқи дил ба даҳони саги шикори рӯм
به عشق دل به دهان سگ شکار روم
Чу бар барроқи саодат кунун савор шудам
چو بر براق سعادت کنون سوار شدم
Ба сӯии снҷқи султони комёри рӯм
به سوی سنجق سلطان کامیار روم
Ҷаҳони ишқ ба зери ливоӣ султонӣ аст
جهان عشق به زیر لوای سلطانی است
Чу аз раият ишқам бидон диёри рӯм
چو از رعیت عشقم بدان دیار روم
Манам ки дар назарами хори гашти ҷону ҷаҳон
منم که در نظرم خوار گشت جان و جهان
Бидон ҷаҳон ва бидон ҷон бе ғубори рӯм
بدان جهان و بدان جان بیغبار روم
Ғубор тан набӯд моҳи ҷон буд он ҷо
غبار تن نبود ماه جان بود آن جا
Сазад сазад ки бар он чархи барқи вори рӯм
سزد سزد که بر آن چرخ برق وار روم
Агар кулем ҳалимам бидон дарахт шавам
اگر کلیم حلیمم بدان درخت شوم
Вагар халили ҷалилам дар он шарори рӯм
وگر خلیل جلیلم در آن شرار روم
Хамӯш кӣ ҳлдми тишнагии ин ёрон
خموش کی هلدم تشنگی این یاران
Магар ки аз бар ёрон ба ёри ғори рӯм
مگر که از بر یاران به یار غار روم
Ҷавори муфаххари офоқи шамси табризӣ
جوار مفخر آفاق شمس تبریزی
Биҳишти адан буд ҳам дар он ҷавори рӯм
بهشت عدن بود هم در آن جوار روم