Чанд қабо бар қад дил дӯхтам

چند قبا بر قد دل دوختم

Чанд чароғ хирад афрӯхтам

چند چراغ خرد افروختم

Пери фалакро ки қароряш нест

پیر فلک را که قراریش نیست

Гардиши баси булъаҷаби омухтам

گردش بس بوالعجب آموختم

Ганҷ карам омад меҳмони ман

گنج کرم آمد مهمان من

Воми фақирони зи карами тўхтм

وام فقیران ز کرم توختم

Ҳосил аз ин се суханам беш нест

حاصل از این سه سخنم بیش نیست

Сӯхтаму сӯхтаму сӯхтам

سوختم و سوختم و سوختم

Бар мисли шамъами ман покбоз

بر مثل شمعم من پاکباز

Рехтами он дахл ки андӯхтам

ریختم آن دخل که اندوختم

Бас ки басии нуктаи исои ҷон

بس که بسی نکته عیسی جان

Дар дил ва дар гӯши хари аспўхтм

در دل و در گوش خر اسپوختم

Бас ки азои тем Дино нақисса

بس که اذا تم دنا نقصه

То бнгўиди санами шӯхи тем

تا بنگوید صنم شوخ تم

Хониш
ғзл шморҳ 1768 — ъндлӣб