намешудӣ ғофили зи асрори қазо

می‌شدی غافل ز اسرار قضا

Захм хӯрдӣ аз слҳдори қазо

زخم خوردی از سلحدار قضا

Ин чаҳ кор афтод охири ногаҳон

این چه کار افتاد آخر ناگهان

Ин чунин бошад чунин кори қазо

این چنین باشد چنین کار قضا

Ҳеҷ гул дидӣ ки хандад дар ҷаҳон

هیچ گل دیدی که خندد در جهان

Кӯ нашуд гриндаҳ аз хори қазо

کو نشد گرینده از خار قضا

Ҳеҷ бахтӣ дар ҷаҳон равнақ гирифт

هیچ بختی در جهان رونق گرفت

Кӯ нашуд маҳбӯсу бемори қазо

کو نشد محبوس و بیمار قضا

Ҳеҷ каси дуздида рӯй айш дид

هیچ کس دزدیده روی عیش دید

Кӯ нашуд оўнг бар дори қазо

کو نشد آونگ بر دار قضا

Ҳеҷ касро макру фан судӣ накард

هیچ کس را مکر و فن سودی نکرد

Пеши бозиҳои макори қазо

پیش بازی‌های مکار قضا

Ин қазоро дӯстон хизмат кунанд

این قضا را دوستان خدمت کنند

Ҷон кунанд аз сидқи эсори қазо

جان کنند از صدق ایثار قضا

Гарчи сӯрати марди ҷон боқӣ бимонад

گرچه صورت مرد جان باقی بماند

Дар аноятҳои бисёр қазо

در عنایت‌های بسیار قضا

Ҷўз бишикаст ва бимонада мағзи рӯҳ

جوز بشکست و بمانده مغز روح

Рафт дар ҳалвои зи анбори қазо

رفت در حلوا ز انبار قضا

Онки сӯй нор шуд бемағз буд

آنک سوی نار شد بی‌مغز بود

Мағз ӯ пӯсидан аз инкори қазо

مغز او پوسید از انکار قضا

Онки сӯй ёр шуд масъӯд буд

آنک سوی یار شد مسعود بود

Мағз ҷон багазед ва шуд ёри қазо

مغز جان بگزید و شد یار قضا

Хониш
ғзл шморҳ 178 — прӣ соткнӣ ъндлӣб