Боз баҳор мекашад зиндагӣ аз баҳори ман
باز بهار می کشد زندگی از بهار من
Маҷлису базм май наад то шаканд хумори ман
مجلس و بزم می نهد تا شکند خمار من
Ман дил прдлон бидам қӯт собирон бидам
من دل پردلان بدم قوت صابران بدم
Баради ҳавои дилбарии ҳам дил ва ҳам қарори ман
برد هوای دلبری هم دل و هم قرار من
Тунд намӯд ишқ ӯ тез шудам зи тундяш
تند نمود عشق او تیز شدم ز تندیش
Гуфт бирав надидае тезии зулфиқори ман
گفت برو ندیدهای تیزی ذوالفقار من
Аз қадами дурушт ӯ нарм шудаи сети гарданам
از قدم درشت او نرم شدهست گردنم
То чаҳ кашад дигар аз ӯ гардани нрмсори ман
تا چه کشد دگر از او گردن نرمسار من
Пухта наҷӯшад эй санами ҷӯши мада ки пухта ам
پخته نجوشد ای صنم جوش مده که پختهام
Каз сар дег меравад то ба фалаки бухори ман
کز سر دیگ می رود تا به فلک بخار من
Ҳин ки бухори хӯни ман бохабараст аз ғамат
هین که بخار خون من باخبر است از غمت
То набард ба осмони роз дил назор ман
تا نبرد به آسمان راز دل نزار من
Рӯҳ гурехт пеши ту аз тани ҳамчуи дӯзахам
روح گریخت پیش تو از تن همچو دوزخم
Шарм бирехт пеши ту дидаи шармсори ман
شرم بریخت پیش تو دیده شرمسار من