Мутриб хуш навой ман ишқи навоз ҳамчунин

مطرب خوش نوای من عشق نواز همچنین

Нғнғаҳ дигар бизан парда тоза баргузин

نغنغه دگر بزن پرده تازه برگزین

Мутриби рӯҳи ман тӯии киштии Нӯҳи ман тӯй

مطرب روح من توی کشتی نوح من توی

Фатҳу футуҳи ман тӯии ёри қадим ва аввалин

فتح و فتوح من توی یار قدیم و اولین

эй зи ту шоди ҷони ман бе ту мабод ҷони ман

ای ز تو شاد جان من بی‌تو مباد جان من

Дил ба ту дод ҷони ман бо ғам туаст ҳамнишин

دل به تو داد جان من با غم توست همنشین

Талх буд ғами башари венаи ғами ишқ чун шукр

تلخ بود غم بشر وین غم عشق چون شکر

Ин ғами ишқро дигар беш ба чашми ғами мубин

این غم عشق را دگر بیش به چشم غم مبین

Чун ғами ишқи зи андаруни як нафасӣ равад бурун

چون غم عشق ز اندرون یک نفسی رود برون

Хона чу гӯр мешавад хонагӣони ҳамаи ҳазин

خانه چو گور می شود خانگیان همه حزین

Серумаи мости гирди ту роҳати мости дарди ту

سرمه ماست گرد تو راحت ماست درد تو

Кист ҳарифу марди ту эй шаҳи мрдоФрин

کیست حریف و مرد تو ای شه مردآفرین

То ки туро шинохтами ҳамчу намак гудохтам

تا که تو را شناختم همچو نمک گداختم

Шикаму шак фано шавад чун бирасад бар яқин

شکم و شک فنا شود چون برسد بر یقین

Ман шабам аз сияҳи дилии ту маи хубу мФзлӣ

من شبم از سیه دلی تو مه خوب و مفضلی

Зулмати шаб адам шавад дар рухи моҳи роҳи байн

ظلمت شب عدم شود در رخ ماه راه بین

Ишқ з туаст ҳамчуи ҷони ақл з туаст лавҳ хон

عشق ز توست همچو جان عقل ز توست لوح خوان

Кону макони қурозаи ҷӯи баҳр з туаст донаи чин

کان و مکان قراضه جو بحر ز توست دانه چین

Масти ту бўолФзўл шуд вази ду ҷаҳон малул шуд

مست تو بوالفضول شد وز دو جهان ملول شد

Ишқи туро расӯл шуд ӯ аст накол ҳар замин

عشق تو را رسول شد او است نکال هر زمین

Дар табризи шамс дайн дорад матлаъӣ дигар

در تبریز شمس دین دارد مطلعی دگر

Нест зи машриқ ӯ мубин нест ба мағриб ӯ дафин

نیست ز مشرق او مبین نیست به مغرب او دفین

Хониш
ғзл шморҳ 1840 — ъндлӣб