Чаҳ донистам ки ин савдои марои зин сон кунад маҷнӯн

چه دانستم که این سودا مرا زین سان کند مجنون

Диламро дӯзахӣ созад ду чашмамро кунад Ҷайҳун

دلم را دوزخی سازد دو چشمم را کند جیحون

Чаҳ донистам ки сайлобии маро ногоҳ бирабоед

چه دانستم که سیلابی مرا ناگاه برباید

Чу киштӣ ам дарандозад миёни қулзуми пурхӯн

چو کشتی‌ام دراندازد میان قُلْزُم پرخون

Занад мавҷӣ бар он киштӣ ки таҳта таҳта бишкофад

زند موجی بر آن کشتی که تخته‌تخته بشکافد

Ки ҳар таҳтаи Фрўризди зи гардишҳои гӯногӯн

که هر تخته فروریزد ز گردش‌های گوناگون

Наҳангии ҳам براردи сар , хӯрд он оби дарё ро

نهنگی هم برآرد سر‌، خورد آن آب دریا را

Чунон дарёӣ бепоён , шавад беоб чун ҳомӯн

چنان دریای بی‌پایان‌، شود بی‌آب چون هامون

Шикофад низ он ҳомӯн , наҳанги бҳрФрсо ро

شکافد نیز آن هامون‌، نهنگ بحرفرسا را

Кашад дар қаър ногоҳон ба дасти қаҳр чун қорун

کشد در قعر ناگاهان به دست قهر چون قارون

Чу ин табдил ҳо омад на ҳомӯн монад ва на дарё

چو این تبدیل‌ها آمد نه هامون ماند و نه دریا

Чаҳ донам ман дигар чун шуд ки чун ғарқаст дар бе чун

چه دانم من دگر چون شد که چون غرق است در بی‌چون

Чаҳ донамҳои бисёраст лекин ман наме донам

چه دانم‌های بسیار است لیکن من نمی‌دانم

Ки хӯрдам аз даҳони бандӣ дар он дарёи кафии афюн

که خوردم از دهان‌بندی در آن دریا کفی افیون

Хониш
ғзл шморҳ 1855 — ълӣрзо бхшӣ зодҳ рвшнфкр
ғзл шморҳ 1855 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 1855 — мҳмдрзококоъӣ
ғзл шморҳ 1855 — ълӣ осломӣ мзҳб
ғзл шморҳ 1855 — шбнм мрзӣҷронӣ
ғзл шморҳ 1855 — нознӣн бозӣон