Рӯи мазҳаби ошиқро баракси равишҳо дон
رو مذهب عاشق را برعکس روشها دان
Каз ёри дурӯғиҳо аз сидқ бау эҳсон
کز یار دروغیها از صدق به و احسان
Ҳоласт маҳол ӯ муздаст вабол ӯ
حال است محال او مزد است وبال او
Адласт ҳама зулмаш додаст аз ӯ бӯҳтон
عدل است همه ظلمش داد است از او بهتان
Нармаст дурушт ӯ каъбаи сети кунишат ӯ
نرم است درشت او کعبهست کنشت او
Хорӣ ки хулди дилбари хуштар зи гулу райҳон
خاری که خلد دلبر خوشتر ز گل و ریحان
Он дам ки турш бошад беҳтари зи шкрхонаҳ
آن دم که ترش باشد بهتر ز شکرخانه
Ваон дил ки малул ояд хуши бӯс ва канораст он
وان دل که ملول آید خوش بوس و کنار است آن
Ваон дам ки туро гуяд валлоҳи зи ту безорам
وان دم که تو را گوید والله ز تو بیزارم
Он об Хизр бошад аз чашмаи гуҳи ҳайвон
آن آب خضر باشد از چشمه گه حیوان
Ваон дам ки бигӯед не дар неши ҳазор оре
وان دم که بگوید نی در نیش هزار آری
Бигонгиши хешӣ дар мазҳаб бе хуишон
بیگانگیش خویشی در مذهب بیخویشان
Куфраши ҳама имон шуд сангаши ҳама марҷон шуд
کفرش همه ایمان شد سنگش همه مرجان شد
Бухлаши ҳама эҳсон шуд ҷурмаши ҳамагии ғуфрон
بخلش همه احسان شد جرمش همگی غفران
Гар таънаи зании гӯйии ту мазҳаби кажи дорӣ
گر طعنه زنی گویی تو مذهب کژ داری
Ман мазҳаби абрӯяши бхридм ва додам ҷон
من مذهب ابرویش بخریدم و دادم جان
Зини мазҳаби кажи мастам бас кардаму лаби бастам
زین مذهب کژ مستم بس کردم و لب بستم
Бурдор дили равшани боқиш фурӯ ме хон
بردار دل روشن باقیش فرو می خوان
Шамс алҳақ табризӣ ё раб чаҳ шикаррезӣ
شمس الحق تبریزی یا رب چه شکرریزی
Гӯйии зи даҳони ман сад ҳуҷҷат ва сад бурҳон
گویی ز دهان من صد حجت و صد برهان