Омад баҳор хуррам омаднигор мо

آمد بهار خرم آمد نگار ما

Чун сад ҳазор танги шукр дар канори мо

چون صد هزار تنگ شکر در کنار ما

Омад маӣ ки маҷлиси ҷон зу мунаввараст

آمد مهی که مجلس جان زو منورست

То бишиканади зи бодаи гулгуни хумори мо

تا بشکند ز باده گلگون خمار ما

Шод омадӣ биё ва мулӯкона омадӣ

شاد آمدی بیا و ملوکانه آمدی

эй сарви гулистони чаману лолаи зори мо

ای سرو گلستان چمن و لاله زار ما

Поянда бош эй мау поянда умр бош

پاینده باش ای مه و پاینده عمر باش

Дар бешаи ҷаҳони з барои шикори мо

در بیشه جهان ز برای شکار ما

Дарё ба ҷӯш аз ту ки бе мисли гавҳарӣ

دریا به جوش از تو که بی‌مثل گوهری

Кҳсор дар хурӯш ки эй ёри ғори мо

کهسار در خروش که ای یار غار ما

Дар рӯзи базми соқии дрёътои мо

در روز بزم ساقی دریاعطای ما

Дар рӯзи разми шери нару зулфиқори мо

در روز رزم شیر نر و ذوالفقار ما

Чунӣ дар ин ғарибӣ ва чунӣ дар ин сафар

چونی در این غریبی و چونی در این سفر

Бархез то рӯем ба сӯии диёри мо

برخیز تا رویم به سوی دیار ما

Моро ба машку хам ва сабуҳо қарор нест

ما را به مشک و خم و سبوها قرار نیست

Моро кашон кунед сӯии ҷӯйбори мо

ما را کشان کنید سوی جویبار ما

Сӯии парии рухӣ ки бар он чашм ҳо нишаст

سوی پری رخی که بر آن چشم‌ها نشست

Ороми ақли масту дил бе қарори мо

آرام عقل مست و دل بی‌قرار ما

Шуд моҳ дар гудозаши савдоаши ҳамчуи мо

شد ماه در گدازش سوداش همچو ما

Шуд офтоб аз рух ӯ ёдгори мо

شد آفتاب از رخ او یادگار ما

эй равнақи сабоҳу сабӯҳи зарифи мо

ای رونق صباح و صبوح ظریف ما

Ваии давлати паёпай беш аз шумори мо

وی دولت پیاپی بیش از شمار ما

Ҳар чанд сахти мастӣ сустӣ макун бигир

هر چند سخت مستی سستی مکن بگیر

Корзд ба ҳар чаҳ гӯйии хамру хумори мо

کارزد به هر چه گویی خمر و خمار ما

Ҷомӣ чу офтоб пуроташ бигир зуд

جامی چو آفتاب پرآتش بگیر زود

Даракаш ба рӯй чун қамари шаҳриёри мо

درکش به روی چون قمر شهریار ما

Ин ним кора монаду дили ман з кор шуд

این نیم کاره ماند و دل من ز کار شد

Кор ӯ кунад ки ҳаст худовандгори мо

کار او کند که هست خداوندگار ما

Хониш
ғзл шморҳ 203 — прӣ соткнӣ ъндлӣб