Мастӣу ошиқӣу ҷавонӣу ҷинси ин
مستی و عاشقی و جوانی و جنس این
Омад баҳори хуррам ва гаштанд ҳамнишин
آمد بهار خرم و گشتند همنشین
Сӯрат надоштанд мусаввир шуданд хуш
صورت نداشتند مصور شدند خوش
Яъне мхилот мсўршдаҳ бибин
یعنی مخیلات مصورشده ببین
Даҳлез дидааст дили онч ба дил расед
دهلیز دیده است دل آنچ به دل رسید
Дар дидаи андроид сӯрат шавад яқин
در دیده اندرآید صورت شود یقین
Тблӣ алсроирасту қиёмати миёни боғ
تبلی السرایر است و قیامت میان باغ
Дилҳо ҳамеи намоянди он дилбарони чин
دلها همینمایند آن دلبران چین
Яъне ту низ дил бинмогар дилят ҳаст
یعنی تو نیز دل بنما گر دلیت هست
То кӣ ниҳон буд дили ту дар миёни тин
تا کی نهان بود دل تو در میان طین
Аёк наабдаст зимистони дуои боғ
ایاک نعبد است زمستان دعای باغ
Дар навбаҳор гуяд аёки нстъин
در نوبهار گوید ایاک نستعین
Аёк наабд онк ба дарюзаи омадам
ایاک نعبد آنک به دریوزه آمدم
Бигушо дар тараб магузорам дигар ҳазин
بگشا در طرب مگذارم دگر حزین
Аёки нстъин ки зи парии мива ҳо
ایاک نستعین که ز پری میوهها
Ашкстаҳ мешавам нигаҳами дор эй муайян
اشکسته میشوم نگهم دار ای معین
Ҳар лаҳза лола гуяд бо гул ки эй аҷаб
هر لحظه لاله گوید با گل که ای عجب
Наргис чаҳ хира менигарад сӯии ёсамин
نرگس چه خیره مینگرد سوی یاسمین
Сӯсани забон бурун кунад афсӯс ме кунад
سوسن زبان برون کند افسوس میکند
Гуяд саман фусӯс макун бар кас эй лсин
گوید سمن فسوس مکن بر کس ای لسین
Якто музавварӣаст бунафша шудаи дўто
یکتا مزوری است بنفشه شده دوتا
Нилӯфараст воқифи тазвираш эй қарин
نیلوفر است واقف تزویرش ای قرین
Сари чап ва рост мефиканд сунбул аз хумор
سر چپ و راست میفکند سنبل از خمار
Арёҳ бар ясорашу райҳонаш дар ямин
اریاح بر یسارش و ریحانش در یمین
Сабзаи пиёда май дӯди андари рикоби сарв
سبزه پیاده میدود اندر رکاب سرو
Ғунчаи ниҳон ҳаме кунад аз чашми бади ҷабин
غنچه نهان همیکند از چشم بد جبین
Беди пиёда бар лаби ҷӯи андари оина
بید پیاده بر لب جو اندر آینه
Ҳайрон ки шохтар з чаҳ ифшоанд остин
حیران که شاخ تر ز چه افشاند آستین
Аввал фишонданӣаст ки то ҷамъ оварад
اول فشاندنی است که تا جمع آورد
Вонгаҳ кунад нисори дроФшони вопасин
وآنگه کند نثار درافشان واپسین
Дар боғи маҷлисӣ чу ниҳоди офаридагор
در باغ مجلسی چو نهاد آفریدگار
Мурғон чу мутрибони бсроинди офарин
مرغان چو مطربان بسرایند آفرین
Он мейри мутрибон ки варои ном булбул аст
آن میر مطربان که ورا نام بلبل است
Мастасту ошиқи гул аз онаст хуши ҳнин
مست است و عاشق گل از آن است خوش حنین
Гуяд ба Кебеки фохтаи кохри куҷои бадят
گوید به کبک فاخته کآخر کجا بدیت
Гуяд бидон тараф ки макон набӯд ва макин
گوید بدان طرف که مکان نبود و مکین
Шоҳин ба боз гуяд кин сайдҳои хуб
شاهین به باز گوید کاین صیدهای خوب
Кӣ сайд кард аз адам оварад бар замин
کی صید کرد از عدم آورد بر زمین
Як ҷўқи глрхон ва дигар ҷўқи нўхтон
یک جوق گلرخان و دگر جوق نوخطان
Кандар ҳиҷоб ғайб кироманд ва котибин
کاندر حجاب غیب کرامند و کاتبین
Мо чанд сӯратем изки вори омада
ما چند صورتیم یزک وار آمده
Нак мерасанд лашкари хубон аз он камӣн
نک میرسند لشکر خوبان از آن کمین
Юсуф рухон расанд зи канъони он ҷаҳон
یوسف رخان رسند ز کنعان آن جهان
Ширин лабон расанд зи дарёии ангабин
شیرین لبان رسند ز دریای انگبین
Нак нома шан расед ба хурмоу нешикар
نک نامهشان رسید به خرما و نیشکر
Ва он нори донаи дона ва бе ҳеҷ донаи байн
و آن نار دانه دانه و بیهیچ دانه بین
эй водӣӣ ки себ дар ӯ ранг ва буи ёфт
ای وادیی که سیب در او رنگ و بوی یافت
Мағзи туранҷ низ муаттар шуду смин
مغز ترنج نیز معطر شد و ثمین
Ангур дайр омад зеро пиёда буд
انگور دیر آمد زیرا پیاده بود
Дайри оу пухтаи о ки тӯии фитнае маин
دیر آ و پخته آ که توی فتنه ای مهین
эй охирин собиқ вае хатми мива ҳо
ای آخرین سابق و ای ختم میوهها
Ваии чанги дрздаҳи ту ба ҳабли аллоҳи матин
وی چنگ درزده تو به حبل الله متین
Шириняти аҷоибу талхят худ мапурс
شیرینیت عجایب و تلخیت خود مپرس
Чун ақл каз вайаст шару хайру куфру дайн
چون عقل کز وی است شر و خیر و کفر و دین
Андари бало чу шукру андари рхои набот
اندر بلا چو شکر و اندر رخا نبات
Талхӣ балоӣ туаст чу хори трнгбин
تلخی بلای توست چو خار ترنگبین
эй орифи маориф вае восили усӯл
ای عارف معارف و ای واصل اصول
эй дасти ту дарозу замонаи туро раҳин
ای دست تو دراز و زمانه تو را رهین
Аз даст туаст харбуза дар хонае ниҳон
از دست توست خربزه در خانهای نهان
Дар неи даричаи не ки ту ҷонӣ ва ман ҷанин
در نی دریچه نی که تو جانی و من جنین
Аз ту каду гурехт расан бозе гирифт
از تو کدو گریخت رسن بازیی گرفت
Он ним кӯза кӣ раҳад аз чашмаи муайян
آن نیم کوزه کی رهد از چشمه معین
Чун гӯш ту надошт бибастанд гарданаш
چون گوش تو نداشت ببستند گردنش
Гӯшаш агар бадии бкшидиши хуши танин
گوشش اگر بدی بکشیدیش خوش طنین
Фӣ ҷидҳо бибаст худои ҳабли ман мисад
فی جیدها ببست خدا حبل من مسد
Зеро надошт гӯш ба пайғоми мстбин
زیرا نداشت گوش به پیغام مستبین
Гӯшӣ ки нашунӯд зи худои гӯши хар буд
گوشی که نشنود ز خدا گوش خر بود
Аз ҳақи шинави ту ҳар нафасии даъвати мубин
از حق شنو تو هر نفسی دعوت مبین
эй ҳалқ ту бибаста тақозои ҳалқу фараҷ
ای حلق تو ببسته تقاضای حلق و فرج
Бегӯш чун кадуи ту расани баста бар втин
بیگوش چون کدو تو رسن بسته بر وتین
Ҳалқа ба гӯши шаҳи шӯу ҳалқ аз расани бихар
حلقه به گوش شه شو و حلق از رسن بخر
Мардуми зи роҳ гӯш шавад фарбеҳ ва самин
مردم ز راه گوش شود فربه و سمین
Боқиши брнўисди он шаҳриёри лавҳ
باقیش برنویسد آن شهریار لوح
Наққош чин бигӯед ту нақшҳо мучин
نقاش چین بگوید تو نقشها مچین
Наққош чин бигуфтам он рӯҳи маҳз ро
نقاش چین بگفتم آن روح محض را
Он хусрави ягонаи табризи шамси дайн
آن خسرو یگانه تبریز شمس دین