Гуфт лабами ногаҳони номи гулу гулистон
گفت لَبَم ناگهان نامِ گل و گلسِتان
Омад он глъзори кӯфти маро бар даҳон
آمد آن گلعِذار کوفت مَرا بَر دَهان
Гуфт ки султони манам , ҷони гулистони манам
گفت که سلطان مَنم، جانِ گلستان مَنم
Ҳазрат чун ман шаҳии вонгаҳи ёди фалон ?
حَضرتِ چون مَن شَهی، وآنگه یادِ فُلان؟
Дафи манӣ ҳин махӯр силӣ ҳар нокасе
دفِّ مَنی هین مَخور سیلیِ هَر ناکَسی
Ноӣ манӣ ҳин макун аз дам ҳар каси фиғон
نایِ مَنی هین مَکُن از دَمِ هَر کَس فَغان
Пеш чу ман киқбод чашм бидам даври бод !
پیشِ چو مَن کِیقُباد، چَشمِ بَدم دور باد!
Шарм надорад касе ёд кунад аз кион ?
حیف نَباشَد که تو یاد کُنی از کِهان؟
Ҷғд буд кӯ ба боғи ёд хароба кунад
جُغد بُوَد کو به باغ یادِ خَرابه کند
Зоғ буд кӯи баҳор ёд кунад аз хазон
زاغ بُوَد کو بَهار، یاد کند از خَزان
Чанг ба ман дрздии чанги манӣ дар канор
چَنگ به مَن دَر زدی، چَنگِ مَنی دَر کنار
Тор ки дар захмаам суст шавад бугсалон
تار که دَر زَخمهام سُست شَوَد، بُگسَلان
Пушти ҷаҳони дидае рӯй ҷаҳонро бибин
پُشتِ جهان دیدهای رویِ جَهان را ببین
Пушт ба худ кун ки то рӯй намояди ҷаҳон
پُشت به خود کن که تا روی نَماید جَهان
эй қамари зери меғ ! хеш надидӣ , дареғ !
ای قمرِ زیر میغ! خویش نَدیدی، دریغ!
Чанд чу сояи дуӣ дар паии ин дигарон ?
چند چو سایه دَوی، در پیِ این دیگران؟
Бас ки марои доми шеър аз дағалӣ банд кард
بَس که مَرا دامِ شعر، از دَغَلی بَند کرد
То ки зи дастами шикори ҷусти сӯии гулистон
تا که زِ دَستم شکار، جَست سویِ گلسِتان
Дар пай дуздӣ бидам дузд дигар бонг кард
در پیِ دُزدی بُدَم، دُزد دِگَر بانگ کرد
Ҳаштум бозомадам гуфтам ва ҳин чист он ?
هِشتم بازآمَدم، گفتم و هین چیست آن؟
Гуфт ки инак нишони дузди ту ин сӯй рафт
گفت که اینک نشان، دُزدِ تو این سوی رَفت
Дузди маро бод дод он дағали кжншон
دُزدِ مَرا باد داد آن دَغَلِ کَژنِشان