Бози баромади зи кӯҳи хусрави ширини ман
باز برآمد ز کوه خسرو شیرین من
Бози маро ёд кард ҷону дилу дайни ман
باز مرا یاد کرد جان و دل و دین من
Сӯраи ёсин басӣ хондам аз ишқу завқ
سوره یاسین بسی خواندم از عشق و ذوق
Зон ки марои хонда буд сӯраи ёсини ман
زان که مرا خوانده بود سوره یاسین من
Ақли ҳамаи оқилон хира шавад чун расад
عقل همه عاقلان خیره شود چون رسد
Лайлӣу маҷнӯни ман висау ромини ман
لیلی و مجنون من ویسه و رامین من
Дар ҳасад афтодаем дил ба ҷафо дода ем
در حسد افتادهایم دل به جفا دادهایم
Ҷанг ки май афканди ёри сухани чини ман
جنگ که میافکند یار سخنچین من
ӯ нагузорад ки халқ сулҳ кунанду вафо
او نگذارد که خلق صلح کنند و وفا
Тоза кунад дам ба дами кини туу кини ман
تازه کند دم به دم کین تو و کین من
Гуяд к-эии ошиқони раҳми мёриди ҳеҷ
گوید کای عاشقان رحم میارید هیچ
Дар кашиш ҳамдигар аз паии ойини ман
در کُشش همدگر از پی آیین من
ё рабу омин басӣ кардаму ҷустами амон
یا رب و آمین بسی کردم و جستم امان
Оҳ ки менашунӯд ёрбу омини ман
آه که مینشنود یارب و آمین من
Гуяд ту кор хеш мекун ва ман кори хеш
گوید تو کار خویش میکن و من کار خویش
Ин бидиҳ сет аз азали ёсаи пешини ман
این بُدهست از ازل یاسه پیشین من
Кори ман он кати занами кори ту афғон гарӣ
کار من آن کت زنم کار تو افغان گری
Иди манам табли ту сухраи таквини ман
عید منم طبل تو سخره تکوین من
Банда ин зорем ошиқ беморем
بنده این زاریم عاشق بیماریم
Ков наравад он замон аз сари болини ман
کاو نرود آن زمان از سر بالین من
Рост равад сӯии шаҳи ҷону дилами ҳамчуи рух
راست رود سوی شه جان و دلم همچو رخ
Гарчи кунад кжрўии табъ чу фарзини ман
گرچه کند کژروی طبع چو فرزین من
Даргузар аз танги ман эй ман ман нанги ман
درگذر از تنگ من ای من من ننگ من
Дида шудӣ он ман гар набадӣ ин ман
دیده شدی آن من گر نبدی این من
Бас кун эй шаҳсавор каз ҳуҷб гуфт ту
بس کن ای شهسوار کز حجب گفت تو
Нақди аҷаб май баради дузди зи харҷин ман
نقد عجب میبرد دزد ز خرجین من