Ба ман нигар ба ду рухсори заъфаронии ман
به من نگر به دو رخسار زعفرانی من
Ба гӯнаи гӯнаи ъломоти он ҷаҳонии ман
به گونه گونه علامات آن جهانی من
Ба ҷони пери қадӣмӣ ки дар ниҳод ман аст
به جان پیر قدیمی که در نهاد من است
Ки боди хоки қадамҳоаш ин ҷавонии ман
که باد خاک قدمهاش این جوانی من
Ту чашм тез кун охир ба чашм ман бингар
تو چشم تیز کن آخر به چشم من بنگر
Мдзди ин дили худро зи длстонии ман
مدزد این دل خود را ز دلستانی من
Бар ин лабам чу аз он бахти бӯса Эй барисед
بر این لبم چو از آن بخت بوسهای برسید
Шукр касод шуд аз қанди хуши забонии ман
شکر کساد شد از قند خوش زبانی من
Ба гӯш ҳо бирасад ҳарфҳои зоҳири ман
به گوشها برسد حرفهای ظاهر من
Ба ҳеҷ кас нарасад наъраҳои ҷонии ман
به هیچ کس نرسد نعرههای جانی من
Баси оташӣ ки фурӯзад аз ин нафас ба ҷаҳон
بس آتشی که فروزد از این نفس به جهان
Басии бақо ки баҷушад зи ҳарфи фонии ман
بسی بقا که بجوشد ز حرف فانی من
зи шамси муфаххари табриз то чаҳ дидстм
ز شمس مفخر تبریز تا چه دیدستم
Ки бе қарори шдстнди ин маъонии ман
که بیقرار شدستند این معانی من