Биёи биё ки зи ҳиҷрат на ақл монад на дайн

بیا بیا که ز هجرت نه عقل ماند نه دین

Қарор ва сабр бирафта сети зини дили мискин

قرار و صبر برفته‌ست زین دل مسکین

з рӯй зарду дили дарду сӯз сина мапурс

ز روی زرد و دلِ درد و سوز سینه مپرس

Ки он ба шарҳ нагунҷад биё ба чашм бибин

که آن به شرح نگنجد بیا، به چشم ببین

Чу нони пухтаи зи тоби ту сурх рӯ будам

چو نان پخته ز تاب تو سرخ رو بودم

Чу нони реза кунунам зи хок раҳ барчин

چو نانِ ریزه کنونم ز خاک ره برچین

Чу оинаи зи ҷамолати хаёл чин будам

چو آینه، ز جمالت خیال‌چین بودم

Кунун ту чеҳраи ман зарди байну чин бар чин

کنون تو چهرهٔ من زرد بین و چینْ بَرچین

Мисоли обам дар ҷӯии кжрўони чапу рост

مثال آبم در جوی کژ روان چپ و راست

Фироқ аз чап ва аз ростами кушодаи камӣн

فراق از چپ و از راستم گشاده کمین

Ба рӯзу шаб чу замини рӯ бар осмон дорам

به روز و شب چو زمین رو بر آسمان دارم

з рӯй ту ки нагунҷад дар осмону замин

ز روی تو که نگنجد در آسمان و زمین

Саҳари з дард навиштем номаи пеши сабо

سحر ز درد نوشتیم نامه پیش صبا

Ки аз барои худои раҳи сӯии сафари багазин

که از برای خدا ره سوی سفر بگزین

Агар сари ту ба гул дрбўд машавӣ биё

اگر سر تو به گل در بود مشوی بیا

Вагар ба хор расад по ба канданаш манишин

وگر به خار رسد پا به کندنش منشین

Биёи биёу халосами даҳ аз биё ва бирав

بیا بیا و خلاصم ده از بیا و برو

Биё чунонк раҳад ҷонам аз чунон ва чунин

بیا چنانک رهد جانم از چنان و چنین

Паём кардам к-эии ту паямбари ушшоқ

پیام کردم کای تو پیمبر عشّاق

Бигӯ барои худои зуд эй расӯли амин

بگو برای خدا زود ای رسول امین

Ки ғарқи обаму оташи зи мавҷи дидау дил

که غرق آبم و آتش ز موج دیده و دل

Маро чаҳ чора навишт ӯ ки чораи ту ҳамин

مرا چه چاره؟ نوشت او که چارهٔ تو همین

Нишаст нақш дуоем ба олами гардун

نشست نقش دعایم به عالم گردون

Куҷост гӯши намозӣ ки башнавад омин

کجاست گوش نمازی که بشنود آمین

Ҳазор оина ва сад ҳазор сӯрат ро

هزار آینه و صد هزار صورت را

Даҳум ба ишқи салоҳи ҷаҳони салоҳи аддӣн

دهم به عشق صلاح جهان صلاح الدین

Хониш
ғзл шморҳ 2084 — ъндлӣб