Сахт хушаст чашми ту ва он рухи голфашони ту
سخت خوش است چشم تو و آن رخ گلفشان تو
Дӯш чаҳ хӯрдае дило рост бигӯ ба ҷони ту
دوش چه خوردهای دلا راست بگو به جان تو
Фитна гараст номи ту пуршукраст доми ту
فتنه گر است نام تو پرشکر است دام تو
Ботарабаст ҷоми ту бонамакаст нони ту
باطرب است جام تو بانمک است نان تو
Мурда агар ббиндт фаҳм кунад ки сархушӣ
مرده اگر ببیندت فهم کند که سرخوشی
Чанд ниҳон кунӣ ки мефош кунад ниҳони ту
چند نهان کنی که می فاش کند نهان تو
Буи кабоб мезанад аз дили пурфиғони ман
بوی کباب میزند از دل پرفغان من
Буи шароб мезанад аз дам ва аз фиғони ту
بوی شراب میزند از دم و از فغان تو
Баҳри худо биё бигӯ вар на бҳли маро ки то
بهر خدا بیا بگو ور نه بهل مرا که تا
Як ду сухан ба нойибии бардаам аз забони ту
یک دو سخن به نایبی بردهم از زبان تو
Хӯбии ҷумлаи шоҳидон мот шуд ва касод шуд
خوبی جمله شاهدان مات شد و کساد شد
Чун бинмуд заррае хӯбӣ бе карони ту
چون بنمود ذرهای خوبی بیکران تو
Бозбдиди чашми мо онч надид чашми кас
بازبدید چشم ما آنچ ندید چشم کس
Бозрасед пери мо бихўду саргарони ту
بازرسید پیر ما بیخود و سرگران تو
Ҳар нафасии бигӯеми ақли ту кӯ чаҳ шуд ту ро
هر نفسی بگوییام عقل تو کو چه شد تو را
Ақл намонад бандаро дар ғаму имтиҳони ту
عقل نماند بنده را در غم و امتحان تو
Ҳар саҳарӣ чу абри даии боРоми ашк бар дарат
هر سحری چو ابر دی بارم اشک بر درت
Пок кунам ба остини ашки зи остони ту
پاک کنم به آستین اشک ز آستان تو
Машриқу мағриб ар рӯми вари сӯй осмон шавам
مشرق و مغرب ار روم ور سوی آسمان شوم
Нест нишони зиндагӣ то нарасад нишони ту
نیست نشان زندگی تا نرسد نشان تو
Зоҳид кишварӣ бидам соҳиб минбарӣ бидам
زاهد کشوری بدم صاحب منبری بدم
Кард қазои дили марои ошиқу кафи занони ту
کرد قضا دل مرا عاشق و کف زنان تو
Аз май ин ҷаҳонёни ҳақ худо нахурда ам
از می این جهانیان حق خدا نخوردهام
Сахт хароб мешавам хоӣФм аз гумони ту
سخت خراب میشوم خائفم از گمان تو
Сабр парид аз дилам ақл гурехт аз серум
صبر پرید از دلم عقل گریخت از سرم
То ба куҷо кашад марои мастӣ бе амони ту
تا به کجا کشد مرا مستی بیامان تو
Шери сиёҳи ишқ ту мекунад устихони ман
شیر سیاه عشق تو میکند استخوان من
Неи ту змони ман бадии пас чаҳ шуд ин змони ту
نی تو ضمان من بدی پس چه شد این ضمان تو
эй табризи бозгуи баҳри худо ба шамси дайн
ای تبریز بازگو بهر خدا به شمس دین
Кин ду ҷаҳони ҳасади барад бар шарафи ҷаҳони ту
کاین دو جهان حسد برد بر شرف جهان تو