Чаҳ некбахт касе ки худоӣ хонд ту ро

چه نیکبخت کسی که خدای خواند تو را

Дрои дро ба саодат дарат кушоди худо

درآ درآ به سعادت درت گشاد خدا

Ки бргшоиди дарҳо муфаттиҳи алобўоб

که برگشاید درها مفتح الابواب

Ки назул ва манзил бахшед нҳни нзлно

که نزل و منزل بخشید نحن نزلنا

Ки донаро бишкофад Нидо кунад ба дарахт

که دانه را بشکافد ندا کند به درخت

Ки сар барор ба боло ва мефишон хурмо

که سر برآر به بالا و می فشان خرما

Ки дрдмид дар он не ки буд зери замин

که دردمید در آن نی که بود زیر زمین

Ки гашти модари ширину хусрави ҳалво

که گشت مادر شیرین و خسرو حلوا

Кӣ кард дар кафи кони хокро зару нуқра

کی کرد در کف کان خاک را زر و نقره

Кӣ кард дар садафии обро ҷавоҳирҳо

کی کرد در صدفی آب را جواهرها

зи ҷону тани брҳидӣ ба ҷазбаи ҷонон

ز جان و تن برهیدی به جذبه جانان

зи қобу қавси гузаштӣ ба ҷазб ӯ аднӣ

ز قاب و قوس گذشتی به جذب او ادنی

Ҳам офтоб шудаи мутрибат ки хези суҷуд

هم آفتاب شده مطربت که خیز سجود

Ба сӯии қомати сарвии зи дасти лолаи сало

به سوی قامت سروی ز دست لاله صلا

Чунин баланд чаро май пурд эй замир

چنین بلند چرا می‌پرد همای ضمیر

Шунид бонги сафирии зи рабии алоълӣ

شنید بانگ صفیری ز ربی الاعلی

Гул шукуфта бигӯям ки аз чаҳ ме хандад

گل شکفته بگویم که از چه می‌خندد

Ки мустаҷоб шуд ӯро аз он баҳори дуо

که مستجاب شد او را از آن بهار دعا

Чу буии Юсуфи маънии гул аз гиребон ёфт

چو بوی یوسف معنی گل از گریبان یافت

Даҳони кушод ба ханда киҳои ё бшро

دهان گشاد به خنده که‌های یا بشرا

Ба дай бигӯед гулшан ки ҳар чаҳ хоҳӣ кун

به دی بگوید گلشن که هر چه خواهی کن

Ба фари адл шҳншаҳ натарсам аз яғмо

به فر عدل شهنشه نترسم از یغما

Чу осмону замин дар кафш кам аз себии сет

چو آسمان و زمین در کفش کم از سیبی‌ست

Ту барги ман брбоиии куҷои барӣу куҷо

تو برگ من بربایی کجا بری و کجا

Чу ӯст маънии олам ба иттифоқи ҳама

چو اوست معنی عالم به اتفاق همه

Биҷуз ба хизмати маънии куҷои раванди асмо

بجز به خدمت معنی کجا روند اسما

Шуд исми мазҳари маънии кордати ани аърФ

شد اسم مظهر معنی کاردت ان اعرف

Ваз исм ёфт фароғати басирати урафо

وز اسم یافت فراغت بصیرت عرفا

Кулемро бишносад ба маърифати ҳорӯн

کلیم را بشناسد به معرفت‌هارون

Агар Асоаш набошад вагар яди Байзо

اگر عصاش نباشد وگر ید بیضا

Чигуна чарх нагардад бигард бом ва дараш

چگونه چرخ نگردد بگرد بام و درش

Ки офтобу ма аз нур ӯ кунанд сахо

که آفتاب و مه از نور او کنند سخا

Чу нур гуфт худованди хештанро ном

چو نور گفت خداوند خویشتن را نام

Ғуломи чашми шӯи аирои з нур кард чаро

غلام چشم شو ایرا ز نور کرد چرا

Аз ин ҳама бигузаштам нигоҳи дори ту даст

از این همه بگذشتم نگاه دار تو دست

Ки май хиромад аз он пардаи масти Юсуфи мо

که می‌خرامد از آن پرده مست یوسف ما

Чаҳ ҷои даст буд ақл ва ҳуш шуд аз даст

چه جای دست بود عقل و هوش شد از دست

Ки соқии сети длорому бодааш гиро

که ساقی‌ست دلارام و باده اش گیرا

Хамӯш бош ки то шарҳи ин ҳамӯ гуяд

خموش باش که تا شرح این همو گوید

Ки обу тоби ҳамон ба ки ояд аз боло

که آب و تاب همان به که آید از بالا

Хониш
ғзл шморҳ 217 — прӣ соткнӣ ъндлӣб