зи баҳри ғайрати омухти одами асмо ро
ز بهر غیرت آموخت آدم اسما را
БбоФти ҷомеъи кули пардаҳои аҷзо ро
ببافت جامع کل پردههای اجزا را
Барои ғайр буд ғайрат ва чу ғайр набӯд
برای غیر بود غیرت و چو غیر نبود
Чаро намӯд ду то он ягонаи якто ро
چرا نمود دو تا آن یگانه یکتا را
Даҳон параст ҷаҳон хамӯшро аз роз
دهان پر است جهان خموش را از راز
Чаҳ монеъи сети фасеҳони ҳарфи пайморо ?
چه مانعست فصیحان حرفپیما را؟
Ба бӯсаҳои паёпаии раҳи даҳони бастанд
به بوسههای پیاپی ره دهان بستند
Шакарлабони ҳақоиқи даҳон гуё ро
شکرلبان حقایق دهان گویا را
Гуҳии зи бӯсаи ёру гуҳии зи ҷоми ъқор
گهی ز بوسه یار و گهی ز جام عقار
Маҷол нест суханро на рамзу ?има ро
مجال نیست سخن را نه رمز و ایما را
Ба захми бӯсаи суханро чаҳ хуш ҳаме шикананд
به زخم بوسه سخن را چه خوش همیشکنند
Ба фитнаи бастаи раҳи фитнароу ғавғо ро
به فتنه بسته ره فتنه را و غوغا را
Чу фитна маст шавад ногаҳони брошўбнд
چو فتنه مست شود ناگهان برآشوبند
Чаҳ чиз банд кунад маст бемуҳобо ро
چه چیز بند کند مست بیمحابا را
Чу мавҷ паст шавад кӯҳҳо ва баҳр шавад
چو موج پست شود کوهها و بحر شود
Ки бим об кунад сангҳои хороро ?
که بیم آب کند سنگهای خارا را؟
Чу санг об шавад оби санги пас май дон
چو سنگ آب شود آب سنگ پس میدان
Аҳотти малики комкори бино ро
احاطت ملک کامکار بینا را
Чу ҷанг сулҳ шавад сулҳи ҷанги пас май байн
چو جنگ صلح شود صلح جنگ پس میبین
Саноати кафи он кирдигори доно ро
صناعت کف آن کردگار دانا را
Бапуш рӯй ки рӯпӯши кори хубони сет
بپوش روی که روپوش کار خوبانست
Забуну дастхуш ва ром ёфтӣ мо ро
زبون و دستخوش و رام یافتی ما را
Ҳарифи байн ки фитодӣ ту шер бо харгӯш
حریف بین که فتادی تو شیر با خرگوش
Макун мабанд ба куллӣ раҳи мўосо ро
مکن مبند به کلی ره مواسا را
Тамаъи нигар ки миннати панд май даҳум ки макун
طمع نگر که منت پند میدهم که مکن
Чунон ки панд диҳад ним пашшаи анқо ро
چنان که پند دهد نیم پشه عنقا را
Чунон ки ҷанг кунад рӯй зард бо сафро
چنان که جنگ کند روی زرد با صفرا
Чунон ки роҳи бибандади ҳашиши дарё ро
چنان که راه ببندد حشیش دریا را
Акнти соъиқа ё ҳабиб ӯ норо
اکنت صاعقه یا حبیب او نارا
Фмои таркати лнои мнзлоу лои доро
فما ترکت لنا منزلا و لا دارا
Бки алФхори влкн баят ман скр
بک الفخار ولکن بهیت من سکر
Фалсати аФҳми лии мФхроу лои ъоро
فلست افهم لی مفخرا و لا عارا
Маттии атўби ман алзнби тўбтии занбӣ
متی اتوب من الذنب توبتی ذنبی
Маттии аҷори азои алъшқи сори лии ҷоро
متی اجار اذا العشق صار لی جارا
Иқўли ақлии лои тбдлни ҳудои барадӣ
یقول عقلی لا تبدلن هدی بردی
Аммо қзит ба фии ҳалоки аўторо
اما قضیت به فی هلاک اوطارا