Ҳар шаш ҷиҳатам эй ҷони манқӯши ҷамоли ту
هر شش جهتم ای جان منقوش جمال تو
Дар оинаи дртобӣ чун ёфт сқоли ту
در آینه درتابی چون یافت صقال تو
Ойӣнаи туро бинад андозаи арзи худ
آیینه تو را بیند اندازه عرض خود
Дар оина кӣ гунҷад ашколи камоли ту
در آینه کی گنجد اشکال کمال تو
Хуршеди з хуршедат пурсед кӣ ?ути байнам ?
خورشید ز خورشیدت پرسید کیات بینم؟
Гуфто ки шавам толеъ дар вақти заволи ту
گفتا که شوم طالع در وقتِ زوال تو
Раҳвор нетоне шуд ин сӯй ки чун ноқа
رهوار نتانی شد این سوی که چون ناقه
Бастаи сети туро зону эй ақли ъқоли ту
بستهست تو را زانو ای عقل عقال تو
Ақлӣ ки намегунҷад дар ҳафт фалаки фарш
عقلی که نمیگنجد در هفت فلک فرش
эй ишқ чаро рафт ӯ дар дому ҷуволи ту
ای عشق چرا رفت او در دام و جوال تو
Ин ақли яке дона аз хирман ишқ омад
این عقل یکی دانه از خرمن عشق آمد
Шуд баста ӣ он донаи ҷумлаи пару боли ту
شد بستهی آن دانه جمله پر و بال تو
Дар баҳри ҳаёт ҳақ хӯрдӣ ту яке ғӯта
در بحر حیات حق خوردی تو یکی غوطه
Ҷон абадӣ дидӣ , ҷони гашти ваболи ту
جان ابدی دیدی، جان گشت وبال تو
Маликаш ба чаҳ кор ояд бо маликати ишқи ту
ملکش به چه کار آید با ملکت عشق تو
Ҷоҳаш ба чаҳ кор ояд бо ҷоҳу ҷалоли ту
جاهش به چه کار آید با جاه و جلال تو
Сад ҳалқаи заррини байн дар гӯши ҷаҳон акнӯн
صد حلقه زرین بین در گوش جهان اکنون
Аз лутфи ҷавоби ту вази завқи саволи ту
از لطف جواب تو وز ذوق سؤال تو
Хомон ки зари пухта аз дасти ту номдшон
خامان که زر پخته از دست تو نامدشان
Шоданд ба ҷои зар бо сангу суфоли ту
شادند به جای زر با سنگ و سفال تو
Сад чархи тавофи орад бар гирди замини ту
صد چرخ طواف آرد بر گرد زمین تو
Сад бадари суҷуди орад дар пеши ҳилоли ту
صد بدر سجود آرد در پیش هلال تو
Бо ту саги нафаси мо рӯбоҳӣу макри орад
با تو سگ نفس ما روباهی و مکر آرد
Ки шери суҷуди орад дар пеши шағоли ту
که شیر سجود آرد در پیش شغال تو
Бепой чу рӯзу шаб андар сафарем эй ҷон
بیپای چو روز و شب اندر سفریم ای جان
Чун мерасад аз гардун ҳар лаҳзаи тъоли ту
چون میرسد از گردون هر لحظه تعال تو
Торикии мо чаҳ буд дар ҳазрати нури ту ?
تاریکی ما چه بود در حضرت نور تو؟
Феъли бади мо чаҳ буд бо ҳасани фаъоли ту ?
فعل بد ما چه بود با حسن فعال تو؟
Рӯзем чу сояи мо бар гирди дарахти ту
روزیم چو سایه ما بر گرد درخت تو
Шаб то ба саҳари нолони эмини зи малоли ту
شب تا به سحر نالان ایمن ز ملال تو
Аз шавқи итоби ту он одами бгзидаҳ
از شوق عتاب تو آن آدم بگزیده
Аз садр ҷинон омад дар сафи нъоли ту
از صدر جنان آمد در صف نعال تو
Дарёии дил аз мадҳат меғаррад ва ме ҷӯшад
دریای دل از مدحت میغرد و میجوشد
Лекини лаби худ бастам аз шавқи мақоли ту
لیکن لب خود بستم از شوق مقال تو