Ба пешати ном ҷон гӯям зиҳии рӯ
به پیشت نام جان گویم زهی رو
Ҳадис гулистон гӯям зиҳии рӯ
حدیث گلستان گویم زهی رو
Ту ин ҷои ҳозир ва шармам набошад
تو این جا حاضر و شرمم نباشد
Ки аз ҳасан батон гӯям зиҳии рӯ
که از حسن بتان گویم زهی رو
Чу шоҳ бенишон олам биёрост
چو شاه بینشان عالم بیاراست
Ман аз шакл ва нишон гӯям зиҳии рӯ
من از شکل و نشان گویم زهی رو
Чу нури ломакон офоқ бигирифт
چو نور لامکان آفاق بگرفت
Ман аз ҷо ва макон гӯям зиҳии рӯ
من از جا و مکان گویم زهی رو
Ба пеши ин дукон ки кон шодӣ аст
به پیش این دکان که کان شادی است
Ман аз суд ва зиён гӯям зиҳии рӯ
من از سود و زیان گویم زهی رو
Ба пеши ин чунин донои асрор
به پیش این چنین دانای اسرار
Кажӣ дар дил ниҳон гӯям зиҳии рӯ
کژی در دل نهان گویم زهی رو
Чу астораҳ ва ҷаҳон шуд маҳви хуршед
چو استاره و جهان شد محو خورشید
Фасонаи ин ҷаҳон гӯям зиҳии рӯ
فسانه این جهان گویم زهی رو
Авони қоб қавсинасту аднӣ
اوان قاب قوسین است و ادنی
Ҳадис харакмон гӯям зиҳии рӯ
حدیث خرکمان گویم زهی رو
Аз он ҷон ки равон шуд сӯии ҷонон
از آن جان که روان شد سوی جانان
Бар ҳар беравон гӯям зиҳии рӯ
بر هر بیروان گویم زهی رو
Ҳадисиро ки ҷон ҳам нест муҳаррам
حدیثی را که جان هم نیست محرم
Ман аз роҳ даҳон гӯям зиҳии рӯ
من از راه دهان گویم زهی رو
Чу шоҳаншоҳи сад ҷону ҷаҳонӣ
چو شاهنشاه صد جان و جهانی
Ман аз ҷон ва ҷаҳон гӯям зиҳии рӯ
من از جان و جهان گویم زهی رو