эй карда чеҳраи ту чу гулнори шарми ту
ای کرده چهره تو چو گلنار شرم تو
Парҳези ман з чист зи ту ёри шарми ту
پرهیز من ز چیست ز تو یار شرم تو
Гулшани зи ранг рӯй ту сад ранги рехтаи сет
گلشن ز رنگ روی تو صد رنگ ریختهست
Чун гул чаро дамид зи рухсори шарми ту
چون گل چرا دمید ز رخسار شرم تو
Ман сад ҳазор хирқаи з савдо бадухтам
من صد هزار خرقه ز سودا بدوختم
Кони ҷумларо бсухт ба як бори шарми ту
کان جمله را بسوخت به یک بار شرم تو
Софӣ шарм туаст ниҳон дар ҳиҷоби ғайб
صافی شرم توست نهان در حجاب غیب
Дардӣ бирехт бар рухи гулзори шарми ту
دردی بریخت بر رخ گلزار شرم تو
Он дил ки санг буд зи шарми ту оби рехт
آن دل که سنگ بود ز شرم تو آب ریخت
ё раб чаҳ кард дар дили ҳушёри шарми ту
یا رب چه کرد در دل هشیار شرم تو
Хӯни гашти номи кӯҳ ки номаш шудаи сети лаъл
خون گشت نام کوه که نامش شدهست لعل
Чун дрФтод дар киу кҳсори шарми ту
چون درفتاد در که و کهسار شرم تو