Он ёри ғариб ман омад ба сӯии хона
آن یار غریب من آمد به سوی خانه
Имрӯз тамошо кун ашколи ғарибона
امروز تماشا کن اشکال غریبانه
Ёрони вафоро байни ихвони сафоро байн
یاران وفا را بین اخوان صفا را بین
Дар рақс ки бозомад он ганҷ ба вайрона
در رقص که بازآمد آن گنج به ویرانه
эй чашми чаман май байни ваии гӯши сухан май чин
ای چشم چمن میبین وی گوش سخن میچین
Бигушоӣ лаби нӯшин эй ёри хуши афсона
بگشای لب نوشین ای یار خوش افسانه
Имрӯз май боқӣ бе сарфаи даҳ эй соқӣ
امروز می باقی بیصرفه ده ای ساقی
Аз баҳр чаҳ кам гардад зини як ду се паймона
از بحر چه کم گردد زین یک دو سه پیمانه
Паймонау паймона дар бода дуӣ набӯд
پیمانه و پیمانه در باده دوی نبود
Хоҳӣ ки яке гардад башикан ту ду паймона
خواهی که یکی گردد بشکن تو دو پیمانه
Ман бози шикорами ҷони дарбанди мадорами ҷон
من باز شکارم جان دربند مدارم جان
Зин беш намебошам чун ҷғд ба вайрона
زین بیش نمیباشم چون جغد به ویرانه
Қонеъ нашавам бо ту сабр аз дили ман гум шуд
قانع نشوم با تو صبر از دل من گم شد
Рӯ бо дгарӣ май гӯ ман нашнавам афсона
رو با دگری میگو من نشنوم افسانه
Ман донаи афлоками як чанд дар ин хокам
من دانه افلاکم یک چند در این خاکم
Чун адл баҳор омад сарсабз шавад дона
چون عدل بهار آمد سرسبز شود دانه
Ту офати мурғоне зон дона ки май доне
تو آفت مرغانی زان دانه که میدانی
Як мушт барафшонӣ зи анбори пар аз дона
یک مشت برافشانی ز انبار پر از دانه
эй дода марои равнақи сад чун фалаки азрақ
ای داده مرا رونق صد چون فلک ازرق
эй дӯст бигӯ мутлақ ин ҳаст чунин ё на
ای دوست بگو مطلق این هست چنین یا نه
Бор дигар эй ҷони ту занҷир биҷунбон ту
بار دگر ای جان تو زنجیر بجنبان تو
Вази давр тамошо кун дар мардуми девона
وز دور تماشا کن در مردم دیوانه
Худ гулшан бахтаст ин ё раб чаҳ дарахтаст ин
خود گلشن بخت است این یا رب چه درخت است این
Сад булбули масти ин ҷо ҳар лаҳза кунад лона
صد بلبل مست این جا هر لحظه کند لانه
Ҷони гӯш кашон ояд дили сӯй хуашон ояд
جان گوش کشان آید دل سوی خوشان آید
Зеро ки баҳор омад шуд он даии бегона
زیرا که بهار آمد شد آن دی بیگانه