Боз чаҳ шуд туро дило боз чаҳ макри андарӣ

باز چه شد تو را دلا باز چه مکر اندری

Як нафасӣ чу бозӣ ва як нафасии кабӯтарӣ

یک نفسی چو بازی و یک نفسی کبوتری

Ҳамчуи дуои солеҳони даии сӯй авҷ ме шудӣ

همچو دعای صالحان دی سوی اوج می‌شدی

Боз чу нури ахтарони сӯии ҳазиз май парӣ

باز چو نور اختران سوی حضیض می‌پری

Кишти маро ба ҷони ту ҳилау достони ту

کشت مرا به جان تو حیله و داستان تو

Сайл ту мекашад маро то ба куҷоам май барӣ

سیل تو می‌کشد مرا تا به کجام می‌بری

Аз рҳмўт гаштае дар рҳбўти рафта Эй

از رحموت گشته‌ای در رهبوت رفته‌ای

То дам меҳр нашнавӣ то сӯй дӯст нанигарӣ

تا دم مهر نشنوی تا سوی دوست ننگری

Гар сабукӣ кунад дилами хандаи занӣ ки ҳин биппар

گر سبکی کند دلم خنده زنی که هین بپر

Чунк ба худ Фрўрўми таънаи занӣ ки лангарӣ

چونک به خود فروروم طعنه زنی که لنگری

Ханда кунам ту гӯйем чун сари пухтаи хандаи зан

خنده کنم تو گوییم چون سر پخته خنده زن

Гиря кунам ту гӯйем чун бен кӯза май гарӣ

گریه کنم تو گوییم چون بن کوزه می‌گری

Тарки тӯии зи ҳиндӯони чеҳраи тарк кам талаб

ترک توی ز هندوان چهره ترک کم طلب

зи онки надоди ҳиндро сӯрати тарки тангарӣ

ز آنک نداد هند را صورت ترک تنگری

Хандаи насиб моҳ шуд гиряи насиб абр шуд

خنده نصیب ماه شد گریه نصیب ابر شد

Бахт бидод хокро тобиши зари ҷаъфарӣ

بخت بداد خاک را تابش زر جعفری

Ҳасани зи дилбарони талаби дарди зи ошиқони талаб

حسن ز دلبران طلب درد ز عاشقان طلب

Чеҳраи зарди ҷӯи зи ман вази рухи хеши аҳмарӣ

چهره زرد جو ز من وز رخ خویش احمری

Ман чу камина бандаам хок шавам ситами кашам

من چو کمینه بنده‌ام خاک شوم ستم کشم

Ту мулкӣу зибдти саркашӣу ситамгарӣ

تو ملکی و زیبدت سرکشی و ستمگری

Маст ва хушам кун онгаҳе рақсу хушии талаби зи ман

مست و خوشم کن آنگهی رقص و خوشی طلب ز من

Дар даҳанами бунаи шукр чун туршӣ наме хурӣ

در دهنم بنه شکر چون ترشی نمی‌خوری

Деги туами хушии даҳум чунк абои хуши пазӣ

دیگ توام خوشی دهم چونک ابای خوش پزی

Вари туршии пазии зи ман ҳам туршии бароварӣ

ور ترشی پزی ز من هم ترشی برآوری

Дев шавад фириштае чуннигарӣ дар ӯ ту хуш

دیو شود فرشته‌ای چون نگری در او تو خوش

эй парӣе ки аз рахти буи наме баради парӣ

ای پرییی که از رخت بوی نمی‌برد پری

Саҳар чаро ҳаром шуд зи онк ба аҳди ҳасани ту

سحر چرا حرام شد ز آنک به عهد حسن تو

Ҳайф буд ки ҳар хасӣ лоф занад зи соҳирӣ

حیف بود که هر خسی لاف زند ز ساحری

эй дил чун итоб ва ғам ҳаст нишони меҳр ӯ

ای دل چون عتاب و غم هست نشان مهر او

Тарки итоб агар кунад донк буд зи ту барӣ

ترک عتاب اگر کند دانک بود ز تو بری

эй табризи шамси дайни хусрави шамси машриқат

ای تبریز شمس دین خسرو شمس مشرقت

Партави нури он сиррӣ ориятӣаст эй сиррӣ

پرتو نور آن سری عاریتی است این سری

Хониш
ғзл шморҳ 2478 — ъндлӣб