Гӯши ман мунтазири паёми ту ро

گوش من منتظر پیام تو را

Ҷон ба ҷони ҷустаи як саломи ту ро

جان به جان جسته یک سلام تو را

Дар дилами хӯн шавқ ме ҷӯшад

در دلم خون شوق می‌جوشد

Мунтазири буии ҷӯши ҷоми ту ро

منتظر بوی جوش جام تو را

эй зи ширинӣу диловезӣ

ای ز شیرینی و دلاویزی

Донаи ҳоҷати набӯдаи доми ту ро

دانه حاجت نبوده دام تو را

Карда шоҳони нисори тоҷу камар

کرده شاهان نثار تاج و کمر

Мари қабои камӣни ғуломи ту ро

مر قبای کمین غلام تو را

зи аввали ишқи ман гумони барадам

ز اول عشق من گمان بردم

Ки тасаввур кунам хтоми ту ро

که تصور کنم ختام تو را

Силсила ам кун ба пои уштури банд

سلسله‌ام کن به پای اشتر بند

Ман тамаъ кӣ кунам сенаами ту ро

من طمع کی کنم سنام تو را

Онки ширии зи лутфи ту хӯрдаи сет

آنک شیری ز لطف تو خورده‌ست

Марг бинад яқини Фтоми ту ро

مرگ بیند یقین فطام تو را

Ба ҳақи он забони кошифи ғайб

به حق آن زبان کاشف غیب

Ки ба гӯшами расони паёми ту ро

که به گوشم رسان پیام تو را

Ба ҳақи он сарои давлати бахш

به حق آن سرای دولت‌بخش

Бинмоем зи даври боми ту ро

بنمایم ز دور بام تو را

Гар сар аз саҷдаи ту суд кунад

گر سر از سجده تو سود کند

Чаҳ зиёнаст лутфи оми туро ?

چه زیانست لطف عام تو را؟

Шамси табризи ин дили ошуфта

شمس تبریز این دل آشفته

Бар ҷигар бастааст номи ту ро

بر جگر بسته است نام تو را

Хониш
ғзл шморҳ 248 — ълӣрзо бхшӣ зодҳ рвшнфкр
ғзл шморҳ 248 — прӣ соткнӣ ъндлӣб