эй дил бе қарори ман рост бигӯ чаҳ гавҳарӣ

ای دل بی‌قرار من راست بگو چه گوهری

Оташеи ту обеи одамеи ту ё парӣ

آتشیی تو آبیی آدمیی تو یا پری

Аз чаҳ тарафи расидае ваз чаҳ ғизо чареда Эй

از چه طرف رسیده‌ای وز چه غذا چریده‌ای

Сӯии фано чаҳ дидае сӯии фано чаҳ май парӣ

سوی فنا چه دیده‌ای سوی فنا چه می‌پری

Бехи маро чаҳ мекунӣ қасди фано чаҳ ме кунӣ

بیخ مرا چه می‌کنی قصد فنا چه می‌کنی

Роҳи хирад чаҳ май зании пардаи худ чаҳ май дарӣ

راه خرد چه می‌زنی پرده خود چه می‌دری

Ҳар ҳайвону ҷонвар аз адаманд бар ҳазар

هر حیوان و جانور از عدمند بر حذر

Ҷузи ту ки рахти хешро сӯии адами ҳамеи барӣ

جز تو که رخت خویش را سوی عدم همی‌بری

Гарму шитоб май рӯй масту хароб май рӯй

گرم و شتاب می‌روی مست و خراب می‌روی

Гӯш ба панд кӣ наҳй ишваи халқ кӣ хурӣ

گوش به پند کی نهی عشوه خلق کی خوری

Аз сари кӯҳи ин ҷаҳони сайли тӯии равони равон

از سر کوه این جهان سیل توی روان روان

Ҷониби баҳри ломакон аз дами ман рўонтрӣ

جانب بحر لامکان از دم من روانتری

Боғу баҳори хираи сар каз чаҳ насим май вазӣ

باغ و بهار خیره سر کز چه نسیم می‌وزی

Сӯсану сарви масти ту то чаҳ гулӣ чаҳ ъбҳрӣ

سوسن و سرو مست تو تا چه گلی چه عبهری

Банки дафӣ ки снҷ ӯ нест ҳарифи чанбараш

بانک دفی که صنج او نیست حریف چنبرش

Дрнрўд ба гӯши мо чун ҳазёни кофарӣ

درنرود به گوش ما چون هذیان کافری

Мӯсои ишқи ту маро гуфт ки ломсоси шӯ

موسی عشق تو مرا گفت که لامساس شو

Чун нгризм аз ҳама чун нармами зи сомрӣ

چون نگریزم از همه چون نرمم ز سامری

Аз ҳама ман гурехтам гарчи миёни мардумам

از همه من گریختم گرچه میان مردمم

Чун ба миёни хоки кони нақдаи зари ҷаъфарӣ

چون به میان خاک کان نقده زر جعفری

Гар ду ҳазор бори зар наъра занад ки ман зарам

گر دو هزار بار زر نعره زند که من زرم

То наравад зи кон бурун нест касяши муштарӣ

تا نرود ز کان برون نیست کسیش مشتری

Хониш
ғзл шморҳ 2480 — ъндлӣб