Даромад дар миёни шаҳри одами зафти сайлобӣ
درآمد در میان شهر آدم زفت سیلابی
Фано шуд чарх ва гардон шуд зи нури поки дулобӣ
فنا شد چرخ و گردان شد ز نور پاک دولابی
Набӯд он шаҳри ҷузи савдо банӣ одам дар ӯ шайдо
نبود آن شهر جز سودا بنی آدم در او شیدا
Бараст аз дай ва аз фардо чу шуд бедор аз хобӣ
برست از دی و از فردا چو شد بیدار از خوابی
Чу ҷӯшед об бодӣ шуд ки ҳар киро биппаранд
چو جوشید آب بادی شد که هر که را بپراند
Чу коҳиши пеши боди тунди босаҳмӣу ботобӣ
چو کاهش پیش باد تند باسهمی و باتابی
Чу киҳоро шкоФониди конҳоро падеди орад
چو کهها را شکافانید کانها را پدید آرد
Бибинӣ лаъли андари лаъл май тобад чу маҳтобӣ
ببینی لعل اندر لعل میتابد چو مهتابی
Дар он тобиш бибинӣ ту яке ма рӯй чинии ту
در آن تابش ببینی تو یکی مه روی چینی تو
Ду дасти ҳиҷр ӯ пурхӯни мисоли дасти қассобӣ
دو دست هجر او پرخون مثال دست قصابی
зи буии хӯни даст ӯ ҳамаи арвоҳи маст ӯ
ز بوی خون دست او همه ارواح مست او
Ҳамаи афлоки паст ӯ зиҳии болутфи ваҳобӣ
همه افلاک پست او زهی بالطف وهابی
Мисол куштанаш бошад чу ангурӣ ки кубандаш
مثال کشتنش باشد چو انگوری که کوبندش
Ки то фонӣ шавад боқӣ шавад ангури дўшобӣ
که تا فانی شود باقی شود انگور دوشابی
Агар чаҳ сад ҳазор ангури кӯбии як буд ҷумла
اگر چه صد هزار انگور کوبی یک بود جمله
Чу во шуд ҷониби тавҳиди ҷонро ин чунин бобӣ
چو وا شد جانب توحید جان را این چنین بابی
Бияёд шамс табризӣ бигирад дасти он ҷон ро
بیاید شمس تبریزی بگیرد دست آن جان را
Дар ангушташ кунад хотам диҳад мулкӣу асбобӣ
در انگشتش کند خاتم دهد ملکی و اسبابی