Он чеҳра ва пешонӣ шуд қиблаи ҳайронӣ
آن چهره و پیشانی شد قبله حیرانی
Ташвиши мусулмонӣ эй маи ту киро Монӣ
تشویش مسلمانی ای مه تو که را مانی
Ман волаи яздонам дар ҳалқаи мардонам
من واله یزدانم در حلقه مردانم
Зин беш намедонам эй маи ту киро Монӣ
زین بیش نمیدانم ای مه تو که را مانی
Ҳам бандау озодами вайронау ободам
هم بنده و آزادم ویرانه و آبادم
Ҳам бедилу дилшодам эй маи ту киро Монӣ
هم بیدل و دلشادم ای مه تو که را مانی
Ҳар ҷисм ки бар сар шуд ҷони гашт ва қаландар шуд
هر جسم که بر سر شد جان گشت و قلندر شد
Ҳам муъмин ва кофар шуд эй маи ту киро Монӣ
هم مؤمن و کافر شد ای مه تو که را مانی
Шоди онк наад пое дар лаҷаи дарёӣ
شاد آنک نهد پایی در لجه دریایی
Бо дидаи бенаӣ эй маи ту киро Монӣ
با دیده بینایی ای مه تو که را مانی
Бошад зи туами муфаххар фориғ шудам аз дилбар
باشد ز توام مفخر فارغ شدم از دلبر
Аз таъна ва аз тсхр эй маи ту киро Монӣ
از طعنه و از تسخر ای مه تو که را مانی
Ман зон сӯии дулобам зон ҷониби асбобам
من زان سوی دولابم زان جانب اسبابم
Ту маҳв кун алқобам эй маи ту киро Монӣ
تو محو کن القابم ای مه تو که را مانی
Бар ошиқи дўтоқди он кас ки ҳаме хандад
بر عاشق دوتاقد آن کس که همیخندد
Зон ханда чаҳ барбандад эй маи ту киро Монӣ
زان خنده چه بربندد ای مه تو که را مانی
Шамс алҳақ табризӣ дар лхлхаҳ омезӣ
شمس الحق تبریزی در لخلخه آمیزی
эй ҷон ва ҷаҳон мезад эй маи ту киро Монӣ
ای جان و جهان میزد ای مه تو که را مانی