Бархез ки субҳаст ва сабӯҳасту скорӣ
برخیز که صبح است و صبوح است و سکاری
Бигушоӣ канор омад он ёри канорӣ
بگشای کنار آمد آن یار کناری
Бархез биёи дабдабаи умри абади байн
برخیز بیا دبدبه عمر ابد بین
Растанад ва гузаштанд зи дамҳои шуморӣ
رستند و گذشتند ز دمهای شماری
Он рафт ки иқбол бухоред сари мо
آن رفت که اقبال بخارید سر ما
эй дили сари иқбол аз ин бори ту хорӣ
ای دل سر اقبال از این بار تو خاری
Ганҷии ту аҷаб нест ки дар тӯдаи хокӣ
گنجی تو عجب نیست که در توده خاکی
Моҳии ту аҷаб нест ки дар гирду ғуборӣ
ماهی تو عجب نیست که در گرد و غباری
Андари ҳарами каъба иқбол хиромед
اندر حرم کعبه اقبال خرامید
Аз бодияи эмин шудаи вази нози макорӣ
از بادیه ایمن شده وز ناز مکاری
Гардон шудаи байни чарх ки сад моҳ дар ӯ ҳаст
گردان شده بین چرخ که صد ماه در او هست
Ҷузи тобиши як рӯзаи ту эй чарх чаҳ дорӣ
جز تابش یک روزه تو ای چرخ چه داری
Он соғари ҷон ки малики аламут аҷал шуд
آن ساغر جان که ملک الموت اجل شد
Неи шӯриши дили ораду неи ранҷи хуморӣ
نی شورش دل آرد و نی رنج خماری
Бас кун ки агар ҷон бихӯрад сӯрати мо ро
بس کن که اگر جان بخورد صورت ما را
Сад узр бихоҳад лабаш аз хуби изорӣ
صد عذر بخواهد لبش از خوب عذاری