зи маҳҷӯрон наме ҷӯии нишоне
ز مهجوران نمیجویی نشانی
Куҷо рафт он вафоу меҳрбонӣ
کجا رفت آن وفا و مهربانی
Дар ин хушкии ҳиҷрони моҳённд
در این خشکی هجران ماهیانند
Биё эй оби баҳри зиндагонӣ
بیا ای آب بحر زندگانی
Буруни оби моҳӣ чанд монад
برون آب ماهی چند ماند
Чаҳ гӯям ман намедонам ту доне
چه گویم من نمیدانم تو دانی
Кӣ бошам ман ки монам ё нмонм
که باشم من که مانم یا نمانم
Туро хоҳам ки дар олами Бамоне
تو را خواهم که در عالم بمانی
Ҳазорон ҷони моу беҳтар аз мо
هزاران جان ما و بهتر از ما
Фидои ту ки ҷони ҷони ҷонӣ
فدای تو که جان جان جانی
Марои гӯйии хамаши не тавба кардӣ
مرا گویی:« خمش، نی توبه کردی
Ки бигзорӣ тариқ бе забонӣ
که بگذاری طریق بیزبانی؟!»
Ба хоки пои ту бохуд набудам
به خاک پای تو باخود نبودم
зи мастӣу шаробу саргаронӣ
ز مستی و شراب و سرگرانی
Ба хомӯшӣ ба аз хнбӣ набошам
به خاموشی به از خنبی نباشم
намемонад май андари хам наоне
نمیماند می اندر خم نهانی
Шароби ишқи ҷӯшонтар шаробӣ аст
شراب عشق جوشانتر شرابی است
Ки он як дам буд ин ҷовдонӣ
که آن یک دم بود، این جاودانی
Рух чун арғавонаш он кунад он
رخ چون ارغوانش آن کند آن
Ки сад хами шароби арғавонӣ
که صد خم شراب ارغوانی
Дигар васф лабаш дорам валикин
دگر وصف لبش دارم ولیکن
Даҳон ту бисӯзад гар бихонӣ
دهان تو بسوزد گر بخوانی
Аҷаб Мурғобӣ омад ҷони ошиқ
عجب مرغابی آمد جان عاشق
Ки оради оби зи оташи армағонӣ
که آرد آب ز آتش ارمغانی
з оташ ёфт ташнаи завқи обаш
ز آتش یافت تشنه ذوق آبش
Кунад оташ ба обаши нардбонӣ
کند آتش به آبش نردبانی