эй дил чаҳ андешӣдае дар узри он тақсирҳо ?
اِی دل چه اندیشیدهای در عُذرِ آن تقصیرها؟
Зон сӯй ӯ чандон вафои зини сӯии ту чандини ҷафо
زان سوی او چندان وَفا زین سوی تو چندین جَفا
Зон сӯй ӯ чандон карами зини сӯи хилоф ва беш ва кам
زان سوی او چندان کَرَم زین سو خلاف و بیش و کم
Зон сӯй ӯ чандон нъми зини сӯии ту чандини хато
زان سوی او چندان نِعَم زین سوی تو چندین خطا
Зини сӯии ту чандини ҳасади чандини хаёлу занни бад
زین سوی تو چندین حَسَد چندین خیال و ظَنِ بد
Зон сӯй ӯ чандон кашиши чандон чшши чандон ато
زان سوی او چندان کِشِش چندان چِشِش چندان عَطا
Чандини чшш аз баҳр чаҳ ? то ҷони талхат хуш шавад
چندین چِشِش از بَهرِ چه؟ تا جانِ تَلخَت خوش شود
Чандини кашиш аз баҳр чаҳ ? то дррсӣ дар авлиё
چندین کِشِش از بَهرِ چه؟ تا دَر رَسی دَر اُولیا
Аз бади пушаймон май шӯии аллоҳи гӯйон май шӯй
از بَد پشیمان میشوی اللهگویان میشوی
Он дами туро ӯ мекашад то вораанд мари ту ро
آن دَم تو را او میکَشَد تا وارَهاند مَر تو را
Аз ҷурми тарсон май шӯии ваз чора прессон май шӯй
از جُرم ترسان میشوی وَز چاره پُرسان میشوی
Он лаҳзаи трсонндаҳро бо худ наме бинӣ чаро ?
آن لحظه ترساننده را با خود نمیبینی چرا؟
Гар чашм ту барбаст ӯ чун муҳрае дар даст ӯ
گر چَشمِ تو بَربست او، چون مُهرهای دَر دستِ او
Гоҳе бғлтонди чунин гоҳе бибозад дар ҳаво
گاهی بِغَلتانَد چُنین، گاهی ببازَد دَر هوا
Гоҳе наад дар табъи ту савдои симу зару зан
گاهی نَهَد در طَبعِ تو سودای سیم و زَر و زَن
Гоҳе наад дар ҷони ту нури хаёли Мустафо
گاهی نَهَد دَر جانِ تو نورِ خیالِ مصطفیٰ
Ин сӯи кашони сӯии хуашон ваон сӯи кашон бо нохўшон
این سو کِشان سوی خوشان وان سو کَشان با ناخوشان
ё бугзарад ё бишиканади киштӣ дар ин гирдоб ҳо
یا بُگذرد یا بِشکَنَد، کَشتی در این گردابها
Чандон дуо кун дар ниҳон чандон бинол андари шубон
چندان دعا کن در نَهان، چندان بنال اندر شَبان
Каз гунбади ҳафт осмон дар гӯш ту ояд садо
کز گنبدِ هفت آسمان در گوشِ تو آید صدا
Бонги Шуайбу нолааш ваон ашк ҳамчун жола аш
بانگِ شُعِیب و نالهاش وان اشکِ همچون ژالهاش
Чун шуд зи ҳад аз осмон омад саҳаргоҳаши Нидо
چون شد زِ حد از آسمان آمد سحرگاهش ندا
Гар муҷримии бхшидмти вази ҷурми омрзидмт
گر مُجرمی بَخشیدمت وَز جُرم آمرزیدمت
Фирдавси хоҳии додмти хомаш раҳо кун ин дуо
فردوس خواهی دادمت، خامُش، رها کن این دعا
Гуфто на ин хоҳам на он дидор ҳақ хоҳам аён
گفتا نه این خواهم نه آن، دیدارِ حق خواهَم عَیان
Гар ҳафт баҳр оташ шавад ман дррўми баҳри лақо
گر هَفت بَحر آتَش شَوَد مَن دَر رَوَم بَهرِ لِقا
Гар рондаи он манзарами бастаи сет аз ӯ чашми терм
گر رانده ی آن مَنظرَم بَسته اَست از او چَشمِ تَرَم
Ман дар ҷҳими аввалии терм ҷинат нишоед мари маро
مَن دَر جَحیم اولیٰتَرَم جَنَت نَشایَد مَر مَرا
Ҷинати маро бе рӯй ӯ ҳам дӯзахаст ва ҳам аду
جنت مرا بیرویِ او هم دوزخ است و هم عَدو
Ман сӯхтами зини рангу бӯ , кӯи фари анвори бақо ?
من سوختم زین رنگ و بو، کو فَرِ اَنوارِ بَقا؟
Гуфтанд борӣ камгарӣ то кам нагардад мубсирӣ
گفتند باری کم گِری تا کم نگردد مُبصِری
Ки чашм нобӣно шавад чун бугзарад аз ҳади бко
که چشم نابینا شود چون بُگذرد از حَد بُکا
Гуфт ар ду чашмам оқибат хоҳанд дидан он сифат
گفت اَر دو چَشمم عاقبت خواهند دیدن آن صفت
Ҳар ҷузви ман чашмӣ шавад , кӣ ғам хӯрам ман аз ъмӣ ?
هر جزوِ من چَشمی شود، کِیْ غَم خورَم مَن از عَمیٰ؟
Вари оқибати ин чашми ман маҳрӯм хоҳад мондан
وَر عاقبت این چَشمِ من مَحروم خواهد ماندن
То кӯр гардад он басар ков нест лоиқи дӯст ро
تا کور گردد آن بَصَر کاو نیست لایق دوست را
Андари ҷаҳон ҳар одамӣ бошад фидои ёри худ
اندر جهان هر آدمی باشد فدایِ یارِ خود
Ёри яке анбони хӯни ёри яке шамси зё
یار یکی اَنبانِ خون یار یکی شَمسِ ضیا
Чун ҳар касе дархуради худ ёрӣ гузид аз неку бад
چون هر کسی دَرخوردِ خود یاری گُزید از نیک و بد
Моро дареғ ояд ки худ фонӣ кунем аз баҳри ло
ما را دریغ آید که خود فانی کنیم از بَهرِ «لا»
Рӯзии яке ҳамроҳ шуд бо боязиди андари раҳе
روزی یکی همراه شد با بایزید اَندَر رَهی
Пас боязидаш гуфт : чаҳ пеша гузидӣ эй дағо
پس بایزیدش گفت: «چه پیشه گُزیدی اِی دَغا؟»
Гуфто ки ман хрбндаҳам пас боязидаш гуфт рӯ
گفتا که «مَن خَربَندهام» پس بایزیدش گفت :«رو»
ё раби харашро марги даҳ то ӯ шавад бандаи худо
یا رَب خَرَش را مرگ دِه تا او شود بنده ی خدا