Дар лутф агар биравӣ шоҳи ҳамаи чаманӣ

در لطف اگر بروی شاه همه چمنی

Дар қаҳр агар биравӣ киро з бен бикунӣ

در قهر اگر بروی که را ز بن بکنی

Доне ки бар гули ту булбул чаҳ нола кунад

دانی که بر گل تو بلبل چه ناله کند

?умлаи алҳўии асқои явми алнўии баданӣ

املی الهوی اسقا یوم النوی بدنی

Ақл аз ту тоза буд ҷон аз ту зинда буд

عقل از تو تازه بود جان از تو زنده بود

Ту ақли ақли манӣ ту ҷони ҷони манӣ

تو عقل عقل منی تو جان جان منی

Ман масти неъмат ту донам зи раҳмати ту

من مست نعمت تو دانم ز رحمت تو

Каз ман ба ҳар гунаҳии дилро ту брнкнӣ

کز من به هر گنهی دل را تو برنکنی

Тоҷи ту бар сари мо нури ту дар бар мо

تاج تو بر سر ما نور تو در بر ما

Буии ту раҳбари могар роҳ мо назанӣ

بوی تو رهبر ما گر راه ما نزنی

Ҳорси тӯии рамаро эмин кунӣ ҳама ро

حارس توی رمه را ایمن کنی همه را

Аҳўии алҳўои амнўи фии зилли зўи алмннӣ

اهوی الهوا امنو فی ظل ذو المننی

Он дам ки дам бизанам бо ту з худ биравам

آن دم که دم بزنم با تو ز خود بروم

Луи лои мхотбтии аёки лами трнӣ

لو لا مخاطبتی ایاک لم ترنی

эй ҷони асири тании ваии тани ҳиҷоби манӣ

ای جان اسیر تنی وی تن حجاب منی

Ваии сари ту дар расании ваии дили ту дар ватанӣ

وی سر تو در رسنی وی دل تو در وطنی

эй дил чу дар ватании ёди ори суҳбати мо

ای دل چو در وطنی یاد آر صحبت ما

Охири рафиқи бадӣ дар роҳи мумтаҳанӣ

آخر رفیق بدی در راه ممتحنی

Хониш
ғзл шморҳ 3115 — ъндлӣб