Дгрбори ин дилами оташи гирифтаи сет
دگربار این دلم آتش گرفتهست
Раҳо кун то бигирад хуши гирифтаи сет
رها کن تا بگیرد خوش گرفتهست
Бисӯз эй дил дар ин барқ ва мазан дам
بسوز ای دل در این برق و مزن دم
Ки ақлами абри сўдоўши гирифтаи сет
که عقلم ابر سوداوش گرفتهست
Дгрбори ин дилам хобӣ бидида сет
دگربار این دلم خوابی بدیدهست
Ки хӯни дили ҳамаи мФрши гирифтаи сет
که خون دل همه مفرش گرفتهست
Чу сояи кули фанои гирдами азиро
چو سایه کل فنا گردم ازیرا
Ҷаҳони хуршеди лшкркши гирифтаи сет
جهان خورشید لشکرکش گرفتهست
Дилам ҳар шаб ба дуздӣу хиёнат
دلم هر شب به دزدی و خیانت
зи лаъли бори султон вааш гирифтаи сет
ز لعل یار سلطان وش گرفتهست
Куҷо пинҳон шавад дуздии дуздӣ
کجا پنهان شود دزدی دزدی
Ки моли хасми зери каши гирифтаи сет
که مال خصم زیر کش گرفتهست
Басии ҷон ки ҳамеи пурди зи қолаб
بسی جان که همیپرد ز قالب
Вале поиши ҳарифи каши гирифтаи сет
ولی پایش حریف کش گرفتهست
зи завқи захми тираши ин дили ман
ز ذوق زخم تیرش این دل من
Ба дандони гӯшаи таркиши гирифтаи сет
به دندان گوشه ترکش گرفتهست