Дӯди дили мо нишон савдост

دود دل ما نشان سوداست

Ваон дӯд ки аз диласт пайдост

وان دود که از دلست پیداست

Ҳар мавҷ ки мезанад дил аз хӯн

هر موج که می‌زند دل از خون

Он дил набӯд магар ки дарёст

آن دل نبود مگر که دریاست

Бегона шуданд ошноён

بیگانه شدند آشنایان

Дил низ ба душманӣ чаҳ бархест

دل نیز به دشمنی چه برخاست

Ҳар сӯй ки ишқ рахт биниҳод

هر سوی که عشق رخت بنهاد

Ҳар ҷо ки маломати сет он ҷост

هر جا که ملامت‌ست آن جاست

Мо нгризим аз ин маломат

ما نگریزیم از این ملامت

Зеро ки қадими хонаи мост

زیرا که قدیم خانه ماست

Дар ишқ ҳасад баранд шоҳон

در عشق حسد برند شاهان

Зон рӯй ки ишқи шамъи дил ҳост

زان روی که عشق شمع دل‌هاست

По бар сари чархи ҳафтумин на

پا بر سر چرخ هفتمین نه

Кин ишқ ба ҳуҷра ҳои болост

کاین عشق به حجره‌های بالاست

Ҳушёр мабош зон ки ҳушёр

هشیار مباش زان که هشیار

Дар маҷлиси ишқ сахт расвост

در مجلس عشق سخت رسواست

Мерай матлаб ки мейри маҷлис

میری مطلب که میر مجلس

Гар чашм бибаста сет биност

گر چشم ببسته‌ست بیناست

Ин ишқ ҳануз зери чодар

این عشق هنوز زیر چادر

Ин гирди сиёҳи байн ки бархест

این گرد سیاه بین که برخاست

Ҳар чанд ки зери ҳафт пардаи сет

هر چند که زیر هفت پرده‌ست

Пайдост ки сахти хуб ва зебост

پیداست که سخت خوب و زیباست

Шаб хез кунед эй ҳарифон

شب خیز کنید ای حریفان

Шамъасту шароб ва ёр танҳост

شمعست و شراب و یار تنهاست

Хониш
ғзл шморҳ 366 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 366 — нознӣн бозӣон