Бинмоӣ рух ки боғ ва гулистонам орзӯаст

بنمای رخ که باغ و گلستانم آرزوست

Бигушоӣ лаб ки қанд фаровонам орзӯаст

بگشای لب که قند فراوانم آرزوست

эй офтоби ҳасани буруни ои дамии зи абр

ای آفتاب حُسن! برون‌ آ دمی ز ابر

Кони чеҳраи мушаъшаъ тобонам орзӯаст

کآن چهرهٔ مُشَعشَعِ تابانم آرزوست

Бишунидам аз ҳавои ту овози табли боз

بشنودم از هوای تو آواز طبل باز

Бози омадам ки соид султонам орзӯаст

باز آمدم که ساعدِ سلطانم آرزوست

Гуфтӣ зи ноз беш маранҷон маро бирав

گفتی ز ناز «بیش مَرَنجان مرا، برو»

Он гуфтанат ки беш маранҷонам орзӯаст

آن گفتنت که «بیش مرنجانم» آرزوست

Вони дафъи гуфтанат ки бирав шаҳ ба хона нест

وآن دفع گفتنت که «برو، شَه به خانه نیست»

Вони нозу бозу тундӣ дарбонам орзӯаст

وآن ناز و باز و تندی دربانم آرزوست

Дар даст ҳар ки ҳаст зи хӯбии қуроза ҳост

در دست هر که هست ز خوبی قُراضه‌هاست

Он маъдани малоҳат ва он конам орзӯаст

آن معدن مَلاحت و آن کانم آرزوست

Ин нону оби чарх чу сайласт бе вафо

این نان و آبِ چرخ، چو سیل است بی‌وفا

Ман моҳӣам наҳангам ва Аммонам орзӯаст

من ماهی‌ام، نهنگم، عُمّانم آرزوست

Ёқӯби вори вои асФоҳои ҳамеи занам

یعقوب‌وار «وا اَسَفا»ها همی زنم

Дидори хуби Юсуф канъонам орзӯаст

دیدارِ خوبِ یوسفِ کنعانم آرزوست

Валлоҳ ки шаҳр бе ту маро ҳабс ме шавад

والله که شهر بی‌تو مرا حبس می‌شود

Оворагеу кӯҳ ва биёбонам орзӯаст

آوارگیِ و کوه و بیابانم آرزوست

Зин ҳамРаҳон сусти аносир дилам гирифт

زین همرهان سست‌عناصِر دلم گرفت

Шери худоу рустам дстонм орзӯаст

شیر خدا و رستم دستانم آرزوست

Ҷонами малули гашти зи фиръавну зулм ӯ

جانم ملول گشت ز فرعون و ظلم او

Он нур рӯй Мӯсо умронам орзӯаст

آن نورِ رویِ موسیِ عِمرانم آرزوست

Зини халқи пуршикоят гирён шудам малул

زین خَلق پُرشکایتِ گریان شدم ملول

Онҳои ҳўӣу наъра мстонм орзӯаст

آن های هوی و نعرهٔ مستانم آرزوست

Гўётрми зи булбул аммо зи рашки ом

گویاترم ز بلبل امّا ز رَشکِ عام

Меҳраст бар даҳонам ва афғонам орзӯаст

مُهر است بر دهانم و افغانم آرزوست

Даии шайх бо чароғи ҳамеи гашти гирди шаҳр

دی شیخ با چراغ همی گشت گِرد شهر

Каз деву дади малулам ва инсонам орзӯаст

کز دیو و دَد ملولم و انسانم آرزوست

Гуфтанд ёфт менашавад ҷустаем мо

گفتند «یافت می‌نشود، جُسته‌ایم ما»

Гуфт он ки ёфт менашавад , онам орзӯаст

گفت «آنک یافت می‌نَشوَد، آنم آرزوست»

Ҳар чанд муфлисам напазирам ақиқи хирад

هر چند مُفلسم نپذیرم عقیق خُرد

Кони ақиқи нодир арзонам орзӯаст

کآن عقیقِ نادرِ ارزانم آرزوست

Пинҳони зи дидаҳоу ҳамаи дидаҳо аз ӯст

پنهان ز دیده‌ها و همه دیده‌ها از اوست

Он ошкори санъат пинҳонам орзӯаст

آن آشکارْ صنعتِ پنهانم آرزوست

Худ кори ман гузашти з ҳар орзӯу оз

خود کار من گذشت ز هر آرزو و آز

Аз кон ва аз макони пай арқонам орзӯаст

از کان و از مکان پی ارکانم آرزوست

Гӯшам шунид қиссаи имон ва маст шуд

گوشم شنید قصّهٔ ایمان و مست شد

Кӯи қисми чашм ? сӯрат имонам орзӯаст

کو قِسم چشم؟ صورت ایمانم آرزوست

Як дасти ҷоми бода ва як дасти ҷаъди ёр

یک دست جام باده و یک دست جَعد یار

Рақсии чунин миёна медонам орзӯаст

رقصی چنین میانهٔ میدانم آرزوست

намегуяд он рубоб ки мардуми зи интизор

می‌گوید آن رباب که «مُردم ز انتظار

Дасту канору захма Усмонам орзӯаст

دست و کنار و زخمهٔ عثمانم آرزوست»

Ман ҳам рубоби ишқаму ишқам рубобӣ аст

من هم‌ رباب عشقم و عشقم رُبابی است

Вони лутфҳои захма раҳмонам орзӯаст

وآن لطف‌های زخمهٔ رحمانم آرزوست

Боқии ин ғазалро эй мутриби зариф

باقیِ این غزل را ای مطرب ظریف!

Зини сони ҳамеи шумор ки зин сонам орзӯаст

زین سان همی شمار که زین سانم آرزوست

Бинмоӣ шамси муфаххари табризи рӯи зи шарқ

بنمای, شمس مفخَر تبریز! رو ز شرق

Ман ҳудҳудами ҳузур сулаймонам орзӯаст

من هدهدم، حضور سلیمانم آرزوست

Хониш
ғзл шморҳ 441 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл шморҳ 441 — ълӣрзо бхшӣ зодҳ рвшнфкр
ғзл шморҳ 441 — мҳмдрзококоъӣ
ғзл шморҳ 441 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл шморҳ 441 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 441 — смӣҳ олмосӣ
ғзл шморҳ 441 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 441 — моъдҳ обволфтҳӣ