Маро чу зиндагӣ аз ёд рӯй чун ма туаст

مرا چو زندگی از یاد روی چون مه توست

Ҳамеша саҷдаи гуҳами остон харгаҳ туаст

همیشه سجده گهم آستان خرگه توست

Ба ҳар шабӣ кашадам то ба рӯз зинда кунад

به هر شبی کشدم تا به روز زنده کند

Навой он саги кӯи посбон дарга туаст

نوای آن سگ کو پاسبان درگه توست

зи пеши обу гул ман бидид рӯҳи ту ро

ز پیش آب و گل من بدید روح تو را

Хирад бигуфт ки саҷдаи куниш ки ӯ шаҳ туаст

خرد بگفت که سجده کنش که او شه توست

Суҷуд кард ва дар он саҷда монад то ба абад

سجود کرد و در آن سجده ماند تا به ابد

Ниҳода рӯй бар он хоки хуш ки ӯ раҳ туаст

نهاده روی بر آن خاک خوش که او ره توست

Чаҳ бошиддат агар ин шӯраи хокро ки манам

چه باشدت اگر این شوره خاک را که منم

Ба наъли бознўозӣ ки он гузарга туаст

به نعل بازنوازی که آن گذرگه توست

Аё ду дидаи табризи шамси дайн ба ҳақ

ایا دو دیده تبریز شمس دین به حق

Ту каҳрабои дилии дил ба ошиқӣ ки туаст

تو کهربای دلی دل به عاشقی که توست

Хониш
ғзл шморҳ 490 — ъндлӣб