Гар ту малулӣ эй падари ҷониби ёри ман биё

گر تو ملولی ای پدر جانب یار من بیا

То ки баҳори ҷонҳо тоза кунад дили ту ро

تا که بهارِ جان‌ها تازه کُند دل تو را

Буии саломи ёри ман лхлхаҳи баҳори ман

بوی سلام یار من لخلخه‌ی بهار من

Боғу гулу смори ман оради сӯии ҷони сабо

باغ و گل و ثمار من، آرَد سوی جان، صبا

Мастӣу турфа масте ҳастӣ ва турфа ҳасте

مستی و طُرفه مستی‌ای، هستی و طرفه هستی‌ای

Малику дроздстиии наъраи занон ки алсло

مُلک و دراز دستی‌ای، نعره‌زنان که الصّلا

Пой бикӯбу дасти зани даст дар он ду шасти зан

پای بکوب و دست زن، دست درآن دو شست زن

Пеши ду наргиси хушаши куштаи нигари дили маро

پیش دو نرگس خوشش کُشته نگر، دل مرا

Зинда ба ишқи саркашами бинии ҷон чаро кашам

زنده به عشق سرکشم، بینی جان چرا کشم

Паҳлавии ёри худ хушами ёва чаро рӯм чаро

پهلوی یارِ خود خَوشم، یاوه چرا روم چرا؟

Ҷон чу сӯй ватан равад об ба ҷӯй ман равад

جان چو سوی وطن رود، آب به جوی من رود

То сӯй гўлхн равад табъи хасиси жожхо

تا سوی گولخن رود طبع خسیسِ ژاژخا

Дидани хусрави змни шаъшааи ъқори ман

دیدن خسرو زمن شعشعه عقار من

Сахт хушаст ин ватан менарӯм аз ин саро

سخت خوش است این وطن، می‌نروم از این سرا

Ҷони тараби парасти мо ақли хароби масти мо

جان طرب پرست ما، عقل خراب مست ما

Соғари ҷон ба дасти мо сахт хушаст эй худо

ساغر جان به دست ما، سخت خوش است ای خدا

Ҳуш бирафт гӯ бирав ҷоиза гӯ башу гарав

هوش برفت، گو برو، جایزه گو بشو گرو

Рӯз шудаи сет гӯ башу бешабу рӯзи ту биё

روز شده‌ست، گو بشو! بی‌شب و روز تو بیا

Маст раваднигор ман дар бар ва дар канори ман

مست رود نگار من در بر و در کنار من

Ҳеҷ магӯ ки ёри ман бокрмсту бовафо

هیچ مگو که یار من باکَرَمست و باوفا

Омад ҷони ҷони ман кӯрии душманони ман

آمد جانِ جانِ من، کوری دشمنان من

Равнақи гулистони ман зинати равзаи ризо

رونق گلستانِ من، زینت روضه‌ی رضا

Хониш
ғзл шморҳ 51 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 51 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 51 — орш хӣрободӣ