Салои риндони дигарбора ки он шоҳ қимор омад
صلا رندان دگرباره که آن شاه قمار آمد
Агар талбис нав дорад ҳамонаст ӯ ки пор омад
اگر تلبیس نو دارد همانست او که پار آمد
з риндон кист ин кора ки пеши шоҳи хӯни хора
ز رندان کیست این کاره که پیش شاه خون خواره
Миёни бандади дигарбора ки инак вақт кор омад
میان بندد دگرباره که اینک وقت کار آمد
Биёи соқии сабки дастам ки ман бории миёни бастам
بیا ساقی سبک دستم که من باری میان بستم
Ба ҷони ту ки то ҳастам марои ишқ ихтиёр омад
به جان تو که تا هستم مرا عشق اختیار آمد
Чу гулзори туро дидам чу хор ва гул баруедам
چو گلزار تو را دیدم چو خار و گل بروییدم
Чу хорами сӯхт дар ишқати гулам бар ту нисор омад
چو خارم سوخت در عشقت گلم بر تو نثار آمد
Паёпаии фитнаи ангезии зи фитнаи бознгризӣ
پیاپی فتنه انگیزی ز فتنه بازنگریزی
Валек ин бор донистам ки ёри ман айёр омад
ولیک این بار دانستم که یار من عیار آمد
Агар бар рӯ занад ёрами рухии дигар ба пеши орм
اگر بر رو زند یارم رخی دیگر به پیش آرم
Азирои ранги рухсорами зи дасташ обдор омад
ازیرا رنگ رخسارم ز دستش آبدار آمد
Тӯии шоҳоу деринаи мақоми тести ин сина
توی شاها و دیرینه مقام تست این سینه
Наме гӯйии куҷо будӣ ки ҷон бе ту назор омад
نمیگویی کجا بودی که جان بیتو نزار آمد
Шаҳам гуяд дар ин даштами ту пиндорӣ ки гуми гаштам
شهم گوید در این دشتم تو پنداری که گم گشتم
Наме доне ки сабри ман ғилоф зулфиқор омад
نمیدانی که صبر من غلاف ذوالفقار آمد
Маро бурид ва хӯн омад ғазали пурхӯн бурун омад
مرا برّید و خون آمد غزل پرخون برون آمد
Бурид аз ман салоҳи аддӣн ба сӯии он диёр омад
برید از من صلاح الدین به سوی آن دیار آمد