Аз сарви марои буии болой ту ме ояд
از سرو مرا بوی بالای تو میآید
Вази моҳи марои рангу симоӣ ту ме ояд
وز ماه مرا رنگ و سیمای تو میآید
Ҳар неи камари хизмат дар пеши ту май бандад
هر نی کمر خدمت در پیش تو میبندد
Шукр ба ғуломии ҳалвоӣ ту ме ояд
شکر به غلامی حلوای تو میآید
Ҳар нур ки ояд ӯ аз нур ту зояд ӯ
هر نور که آید او از نور تو زاید او
намемужда диҳад яъне фардоӣ ту ме ояд
می مژده دهد یعنی فردای تو میآید
Гули хоҷа сӯсан шуд ороиш гулшан шуд
گل خواجه سوسن شد آرایش گلشن شد
Зеро ки аз он хандаи раъноӣ ту ме ояд
زیرا که از آن خنده رعنای تو میآید
Ҳар гуҳи з ту бигурезам бо ишқи ту бстизм
هر گه ز تو بگریزم با عشق تو بستیزم
Андари серум аз шаш сӯи савдоӣ ту ме ояд
اندر سرم از شش سو سودای تو میآید
Чун бррўм аз пастӣ берун шавам аз ҳастӣ
چون برروم از پستی بیرون شوم از هستی
Дар гӯши ман он ҷои ҳам ҳайҳои ту ме ояд
در گوش من آن جا هم هیهای تو میآید
Андари дили овозии пуршӯрашу ғаммозӣ
اندر دل آوازی پرشورش و غمازی
Он нола чунин донам каз ноӣ ту ме ояд
آن ناله چنین دانم کز نای تو میآید
Рӯзаст шабам аз ту хушкаст лабам аз ту
روزست شبم از تو خشکست لبم از تو
Ғам нест агар хушкаст дарёӣ ту ме ояд
غم نیست اگر خشکست دریای تو میآید
Зери фалаки атлас ҳушёр намонад кас
زیر فلک اطلس هشیار نماند کس
Зеро ки зи пеш ва пас майҳои ту ме ояд
زیرا که ز پیش و پس میهای تو میآید
Аз ҷаври ту андешам ҷавр ояд дар пешам
از جور تو اندیشم جور آید در پیشم
Байнам ки чунон талхӣ аз рой ту ме ояд
بینم که چنان تلخی از رای تو میآید
Шамс алҳақ табризии андеша чу боди хуш
شمس الحق تبریزی اندیشه چو باد خوش
Ҷон тоза кунад зеро саҳроӣ ту ме ояд
جان تازه کند زیرا صحرای تو میآید