Дар кӯии хароботи марои ишқ кашон кард

در کوی خرابات مرا عشق کشان کرد

Он дилбари айёр маро дид нишон кард

آن دلبر عیار مرا دید نشان کرد

Ман дар паии он дилбар айёр бирафтам

من در پی آن دلبر عیار برفتم

ӯ рӯй худ он лаҳзаи зи ман боз ниҳон кард

او روی خود آن لحظه ز من باز نهان کرد

Ман дар аҷаби афтодам аз он қутби ягона

من در عجب افتادم از آن قطب یگانه

Каз як назараши ҷумлаи вуҷӯдами ҳама ҷон кард

کز یک نظرش جمله وجودم همه جان کرد

Ногоҳ як оҳӯ ба ду сад ранг аён шуд

ناگاه یک آهو به دو صد رنگ عیان شد

Каз тобиши ҳасанаши мау хуршед фиғон кард

کز تابش حسنش مه و خورشید فغان کرد

Он оҳӯии хуши ноф ба табризи равони гашт

آن آهوی خوش ناف به تبریز روان گشت

Бағдоди ҷаҳонро ба басират Ҳамадон кард

بغداد جهان را به بصیرت همدان کرد

Он кас ки варо кард ба тақлиди суҷудӣ

آن کس که ورا کرد به تقلید سجودی

Фархундау бгзидаҳу маҳбӯб замон кард

فرخنده و بگزیده و محبوب زمان کرد

Онҳо ки бигуфтанд ки мо комил ва фардем

آن‌ها که بگفتند که ما کامل و فردیم

Саргаштау савдоеу расвоӣ ҷаҳон кард

سرگشته و سودایی و رسوای جهان کرد

Султони ърФноки бадаши муҳаррами асрор

سلطان عرفناک بدش محرم اسرار

То сари таҷаллии азали ҷумла баён кард

تا سر تجلی ازل جمله بیان کرد

Шамс алҳақ табриз чу бикшод пари ишқ

شمس الحق تبریز چو بگشاد پر عشق

Ҷбрили аминро зи паии хеш давон кард

جبریل امین را ز پی خویش دوان کرد

Хониш
ғзл шморҳ 643 — ъндлӣб